468 crore MoU Signed with Bihar Government at India AI Expo : नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े India AI Expo में मंगलवार को बिहार पवेलियन का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर बिहार सरकार की ओर से परियोजनाओं और निवेश से जुड़े 468 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।
बिहार AI मिशन के तहत 60 करोड़ रुपये की लागत से Mega AI Centre of Excellence की स्थापना, IIT पटना में 250 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क तथा एआई, साइबर सुरक्षा और Digital सेवाओं के क्षेत्र में 158 करोड़ रुपये के समझौते किए गए।

साथ ही बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार Semiconductor नीति 2026 का भी अनावरण किया गया। इसका उद्देश्य राज्य में उच्च प्रौद्योगिकी निवेश को आकर्षित करना है।
इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना विकसित बिहार के बिना संभव नहीं है। बिहार आज ऐसे निर्णायक दौर में है, जहां निवेश के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हैं।
राज्य में भूमि की पर्याप्त उपलब्धता है, नीतियां व्यावहारिक और प्रभावी हैं, लागत प्रतिस्पर्धी है और सरकार पूरी मजबूती के साथ निवेशकों के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि जो निवेशक पहले बिहार आएंगे, वे विकसित बिहार के माध्यम से विकसित भारत के सहभागी बनेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों के जरिए राज्य के सभी क्षेत्रों को आधुनिक बनाया जा रहा है।

AI समिट के माध्यम से बिहार सरकार उद्योग जगत को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बिहार के युवाओं ने एआई को सफल बनाया, अपने प्रदेश के लिए वो इसपर और गंभीरता से काम करेंगे।
Samrat Chaudhary ने कहा कि बीते दो दशकों में बिहार ने व्यापक परिवर्तन देखा है। डबल इंजन सरकार को जनता ने तेज और समावेशी विकास की जिम्मेदारी सौंपी है।
वर्ष 2005 के बाद से बिजली-पानी की आपूर्ति, सड़कों और एक्सप्रेस-वे का विस्तार, हवाई अड्डों का विकास और कानून-व्यवस्था में सुधार ने बिहार को निवेश के लिए भरोसेमंद राज्य बनाया है।
बिहार की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। 25 वर्ष से कम आयु के युवाओं की बड़ी संख्या राज्य को अवसरों का केंद्र बनाती है।
सरकार की रणनीति औद्योगिकीकरण, शहरी विकास और युवाओं को सशक्त बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने की है, ताकि लोगों को मजबूरी में राज्य से बाहर न जाना पड़े।




