Large Number of Judges were Found to be from Upper castes: देश में न्यायपालिका से जुड़ा एक अहम आंकड़ा सामने आया है। पिछले पाँच वर्षों में Supreme Court और हाईकोर्ट में नियुक्त किए गए जजों में बड़ी संख्या उच्च जाति से जुड़ी पाई गई है।
विधि मंत्रालय ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की है। यह सवाल राज्यसभा सांसद पी. विल्सन द्वारा पूछा गया था।

कुल कितने जज हुए नियुक्त
विधि मंत्रालय के अनुसार, 1 जनवरी 2021 से 30 जनवरी 2026 के बीच Supreme Court और High Court में कुल 593 जजों की नियुक्ति हुई।
इनमें से केवल 157 जज ही अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। इसका मतलब है कि लगभग 73.5 प्रतिशत जज उच्च जाति से संबंधित हैं।
वर्गवार आंकड़े क्या कहते हैं
सरकार द्वारा दिए गए जवाब में बताया गया कि इन 593 जजों में से
26 जज अनुसूचित जाति से,

14 जज अनुसूचित जनजाति से,
80 जज OBC वर्ग से और
37 जज अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हैं।
बाकी जज उच्च जाति वर्ग से आते हैं, जिससे सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
संविधान में आरक्षण का प्रावधान नहीं
विधि मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 224 में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के समय आरक्षण का कोई प्रावधान तय नहीं किया गया है।
इसी वजह से जजों की नियुक्ति के दौरान जातिगत आधार पर कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं रखा जाता।
2018 से दी जा रही सामाजिक जानकारी
हालांकि मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2018 से हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए भेजी जाने वाली सिफारिशों में उम्मीदवारों की सामाजिक स्थिति का विवरण एक तय Format में दिया जा रहा है।
इन्हीं जानकारियों के आधार पर राज्यसभा में पूछे गए सवाल का जवाब दिया गया।
क्यों है यह मुद्दा अहम
यह आंकड़े न्यायपालिका (Judiciary) में सामाजिक विविधता और प्रतिनिधित्व को लेकर बहस को फिर से सामने लाते हैं। छात्र और युवा वर्ग के लिए यह समझना जरूरी है कि न्याय व्यवस्था में समान भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है।




