रांची के विवान शौय ने पेंटिंग में जीता अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

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रांची: प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। इसको चरितार्थ किया है रांची के छह वर्षीय विवान शौर्या (Vivaan Shaurya) ने।

विवान ने इस उम्र में विश्व की प्रतिष्ठित चित्रकला प्रतियोगिता “पिकासो आर्ट कांटेस्ट” के अल्टीमेट एक्सप्रेशन में प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए स्टार आर्टिस्ट का अवार्ड (Star Artist Award) प्राप्त किया है।

यह प्रतियोगिता 2014 से हर वर्ष आयोजित की जा रही है। इस वर्ष प्रतियोगिता में 53 देशों से 1400 से अधिक प्रतिभाओं ने भाग लिया था।

इसमें इटली, हांगकांग, कनाडा, तुर्की, ऑस्ट्रिया, वियतनाम, रोमानिया, बुल्गारिया, सायप्रस, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश एवं अन्य देश शामिल हैं।

इसमें छह से दस वर्ष वाले ग्रुप में छह वर्षीय विवान ने इस प्रतियोगिता में अपने देश और राज्य का गौरव बढ़ाते हुए ये पुरस्कार प्राप्त किया है।

विवान को 100 में से 95 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए इन्हें स्टार आर्टिस्ट सर्टिफिकेट ऑफ़ अचीवमेंट प्रदान किया गया।

इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में दर्ज कराया अपना नाम

इस प्रतियोगिता में अमेरिका के चित्रकार जेरार्ड इग्नाटियस (दृश्य कला और संचार में परास्नातक) एवं बुल्गारिया के कला शिक्षाविद टेमेनुगा ह्रिस्तोवा निर्णायक की भूमिका में थे।

प्रतियोगिता के सारे मापदंडों पर नवाचार, रचनात्मकता, आकर्षक, पूर्णता, कलाकार की आयु, प्रस्तुति और कलात्मक क्षमता के आधार पर चुनाव किया जाता है।

इस प्रतियोगिता में विवान ने जापान की कोई मछली की पेंटिंग (Fish Painting) बनाई थी, जिसमें तीन मछलियों को एक साथ दिखाते हुए संयुक्त परिवार की महत्ता को दिखाया था।

इस अवसर पर विवान के विद्यालय के प्राचार्य समरजीत जाना एवं सभी शिक्षकों ने भी बधाई दिया। इससे पूर्व जून 2022 में विवान ने सबसे कम उम्र में 129 पेंटिंग्स बनाने के लिए अपना नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स (India Book of Records) में दर्ज कराया था।

पेंटिंग के अलावा भी कई छेत्रों में  पुरस्कार प्राप्त किये

विवान जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली का पहली कक्षा का छात्र है। विवान के गुरु और पिता धनंजय कुमार खुद भी प्रख्यात चित्रकार हैं और कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के संथापक है।

उन्होंने बताया कि विवान ने छह वर्ष की छोटी उम्र से ही पेंटिंग बनाना शुरू कर दिया था और छोटे से ही अपने पिता के मार्गदर्शन में चित्रकारी के गुर सीख रहा था।

उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन (Lockdown) के समय का सदुपयोग कर विवान ने पेंटिंग्स बनाना शुरू किया और लगभग 150 से अधिक पेंटिंग्स बनाई।

इस दौरान विवान ने 21 से अधिक अन्तराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और जिलास्तर के पुरस्कार भी प्राप्त किया है।

विवान की माता रजनी कुमारी ने बताया की विवान पेंटिंग के अलावा एक्टिंग, रोल प्ले, कहानी वाचन, भाषण, कविता वाचन और पियानो में भी अपनी प्रतिभा से बड़े-बड़े मंच पर प्रदर्शित कर पुरस्कार (Prize) प्राप्त किये हैं।

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