इरफान अंसारी ने प्रोक्योरमेंट सेल के GM को हटाया, बोले, “जो काम नहीं करेगा, वह विभाग में नहीं रहेगा”

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IIrfan Ansari removes Procurement GM : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIPC) की पुरानी योजनाओं की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई।

मंत्री ने प्रोक्योरमेंट सेल के जनरल मैनेजर नील रंजन सिंह को कार्यमुक्त करने का आदेश दिया और स्पष्ट कहा, “जो काम नहीं करेगा, वह विभाग में नहीं रहेगा।”

फर्जी बिलिंग और आधार दुरुपयोग की जांच

मंत्री ने डायलिसिस सेवाओं में फर्जी बिलिंग और आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल की गहन जांच के निर्देश दिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

भर्ती प्रक्रिया में होगा बदलाव

स्वास्थ्य विभाग में 5500 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया गया। गैर-तकनीकी पदों के लिए कार्य अनुभव की अनिवार्यता को हटाने का निर्णय लिया गया, ताकि भर्ती में तेजी आए।
उपकरणों की सूची: अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी अस्पतालों को एक सप्ताह के भीतर उपकरणों की विस्तृत सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

सहिया कार्यकर्ताओं को मिलेगा टैब

मंत्री ने सहिया सम्मेलन आयोजित करने, सहिया कार्यकर्ताओं को टैब प्रदान करने और उनकी प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का आदेश दिया।

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए मीडिया को-ऑर्डिनेशन कमेटी के गठन का निर्देश दिया गया।

डॉ. इरफान अंसारी ने JMHIPC की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने पुरानी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नई परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया। प्रोक्योरमेंट सेल के GM नील रंजन सिंह की कार्यमुक्ति का फैसला विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पहले भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। हाल ही में उन्होंने 163 चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात कही थी।

उनकी यह सख्ती झारखंड में स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक और प्रयास है।

मंत्री के इन फैसलों से स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है। फर्जी बिलिंग की जांच से सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, जबकि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव से चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी दूर होगी।

सहिया कार्यकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन योजनाएं ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करेंगी।

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