Two Children go Missing Again in Jharkhand : झारखंड में बच्चों के लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
राजधानी रांची में अंश और अंशिका के लापता होने की घटना अभी लोगों के मन से उतरी भी नहीं थी कि अब पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक और चिंताजनक मामला सामने आया है।

यहां चक्रधरपुर थाना (Chakradharpur Police station) क्षेत्र के अंतर्गत इटोर पंचायत के उलीबिड़ा गांव से दो सगे भाई रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं। दोनों बच्चों के अचानक गायब हो जाने से पूरे गांव में डर और बेचैनी का माहौल है।
घर के पास खेलते समय हुए लापता
जानकारी के अनुसार, उलीबिड़ा गांव से दोनों बच्चे 19 जनवरी की देर शाम घर से कुछ दूरी पर खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे अचानक कहीं चले गए और इसके बाद वापस घर नहीं लौटे।
जब काफी देर तक बच्चों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने उन्हें आसपास ढूंढना शुरू किया। गांव के लोगों की मदद से भी खोजबीन की गई, लेकिन अब तक दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
कौन हैं लापता बच्चे
बच्चों की देखभाल कर रहे उलीबिड़ा गांव निवासी सूर्य जामुदा ने बताया कि लापता बच्चों में बड़ा भाई लापु (9 वर्ष) और छोटा भाई बिद्रू (लगभग 7 वर्ष) शामिल हैं।

दोनों बच्चे सहजोड़ा विद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे और पढ़ने में भी अच्छे बताए जाते हैं। बच्चों के अचानक लापता होने से परिवार पूरी तरह टूट सा गया है।
माता-पिता का पहले ही हो चुका है निधन
परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चों के माता-पिता का करीब आठ साल पहले निधन हो चुका है।
इसके बाद परिवार की सहमति से लगभग दो साल पहले दोनों बच्चों को उलीबिड़ा गांव लाया गया था। तभी से सूर्य जामुदा और उनके परिवार के लोग बच्चों की देखभाल कर रहे थे।
बच्चों का मूल निवास पश्चिमी सिंहभूम जिले के झीकपानी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनटुआ गांव बताया गया है।
अनहोनी की आशंका, पुलिस में होगी शिकायत
परिजनों को इस बात की आशंका सता रही है कि कहीं रांची में हुई अंश-अंशिका की घटना जैसी कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। मामले की जानकारी पंचायत के मुखिया और गांव के मुंडा को दे दी गई है।
परिजनों ने बताया कि बुधवार को चक्रधरपुर थाना में इसकी औपचारिक शिकायत (Formal Complaint) दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल गांव में डर और चिंता का माहौल है और सभी लोग बच्चों के सुरक्षित मिलने की दुआ कर रहे हैं।




