Akhilesh Yadav Launches Scathing Attack: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarananda) से जुड़े मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला है।
उन्होंने अपने Social Media Post के जरिए BJP पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है और इससे देश में तनाव बढ़ रहा है।

धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप
Akhilesh Yadav ने लिखा कि BJP का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ सत्ता और पैसे के पीछे है, उसे न तो धर्म की चिंता है और न ही समाज की एकता की। उनका दावा है कि सनातन धर्म के नाम पर जो बातें कही जा रही हैं, वे केवल लोगों को भ्रमित करने के लिए हैं।
दस्तावेज मांगने पर सवाल
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि BJP और उसके सहयोगी हर चीज पर कब्जा करना चाहते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस सनातन परंपरा की जड़ें बहुत पुरानी हैं, जब कागज का अस्तित्व भी नहीं था, उससे आज कागजात क्यों मांगे जा रहे हैं। इसे उन्होंने परंपराओं के खिलाफ बताया।

धार्मिक स्थलों के अपमान का आरोप
Akhilesh Yadav ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में संतों और साधुओं के अपमान से लेकर काशी में मां अहिल्या देवी होल्कर से जुड़ी धरोहरों के कथित ध्वस्तीकरण तक, कई घटनाएं सनातन परंपरा को चोट पहुंचाने वाली हैं।
उनके अनुसार, ये सब एक गहरी साजिश का हिस्सा है, जिससे धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
BJP पर अहंकार और भ्रष्टाचार के आरोप
सपा अध्यक्ष ने कहा कि BJP का अहंकार रावण से भी आगे निकल चुका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा न तो संतों का सम्मान कर रही है और न ही नैतिक मूल्यों का पालन। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया।
जनता के जागरूक होने का दावा
Akhilesh Yadav ने अपने बयान में कहा कि अब जनता सच को समझने लगी है और खुलकर भाजपा सरकार के खिलाफ बोल रही है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को मानने वाले लोग और सनातन में आस्था रखने वाले सभी लोग आज दुखी हैं, क्योंकि उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस पूरे बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। सपा और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।




