रांची: चोरी के आरोप में एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के विरोध में घासी और नायक समाज के लोगों ने राजधानी रांची में आक्रोश मार्च निकालकर न्याय की मांग की। लोगों का कहना है कि यह घटना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि
सभा में मौजूद लोगों ने बताया कि 16 जनवरी को बुड़मु प्रखंड के चाया गांव में असामाजिक तत्वों ने विक्की नामक युवक की हत्या कर दी। मृतक के भाई राहुल नायक के अनुसार, विक्की पर मोटर चोरी का आरोप लगाया गया था। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें सैकड़ों लोग मौजूद थे। पंचायत के बहाने विक्की को घर से बुलाया गया और वहां जबरन उससे कथित कबूलनामा कराया गया।

भीड़ की हिंसा बनी मौत की वजह
बताया गया कि पंचायत के दौरान असामाजिक तत्वों ने विक्की की बेरहमी से पिटाई की। उसे लात-घूंसे और डंडों से पीटा गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में डर और गुस्से का माहौल है।
रांची में आक्रोश मार्च
इस जघन्य घटना के खिलाफ नायक समाज के लोगों ने रांची की सड़कों पर आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च जयपाल सिंह मुंडा मैदान से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया। मार्च के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर विक्की को न्याय दिलाने के नारे लगाए और मॉब लिंचिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
समाज के नेताओं की मांग
मार्च में शामिल अजयर नायक, पिंटू नायक और प्रकाश नायक ने कहा कि मृतक विक्की नायक एक दलित परिवार से था। जान-बूझकर उस पर चोरी का आरोप लगाकर भीड़ की हिंसा का शिकार बनाया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह मॉब लिंचिंग का मामला है।
न्याय और मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मॉब लिंचिंग के खिलाफ प्रभावी कानून लागू करने और मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी के साथ 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की। लोगों का कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।





