Jal Jeevan Mission Plans Stuck : झारखंड में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत चलाई जा रही कई योजनाएं केंद्र सरकार से अनुदान की राशि समय पर नहीं मिलने के कारण बीच में ही रुक गई हैं।
राज्य में इस Mission के अंतर्गत कुल 82,912 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 35,286 योजनाएं अब भी लंबित हैं। इन अधूरी योजनाओं के कारण ग्रामीण इलाकों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है।

योजनाओं की स्थिति क्या है
राज्य सरकार ने Jal Jeevan Mission को पूरा करने के लिए केंद्र से लगभग 6 हजार करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई नई राशि जारी नहीं की गई है।
हालांकि कुल 24,665 करोड़ रुपये की केंद्रीय स्वीकृति में से अब तक केवल 5,987 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं। इसी कारण कई जिलों में काम अधूरा पड़ा है।
राज्य सरकार की पहल
केंद्र से राशि नहीं मिलने के बावजूद State Government ने अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने अपने राज्यांश से 1,231 करोड़ रुपये जारी कर योजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल की है। सरकार का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों से अधूरी योजनाओं को पूरा करने का प्रयास जारी है।

जिलों में लंबित योजनाएं
राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में योजनाएं अधूरी हैं। सबसे अधिक गिरिडीह में 5009, साहिबगंज में 3600, पश्चिमी सिंहभूम में 3386, रांची में 3012, हजारीबाग में 2840, चतरा में 2681, सिमडेगा में 2477 और पलामू में 2185 योजनाएं लंबित बताई गई हैं।
इसके अलावा अन्य जिलों में भी सैकड़ों योजनाएं पूरी होने का इंतजार कर रही हैं।
आम लोगों पर असर
Jal Jeevan Mission का उद्देश्य हर घर तक नल से साफ पानी पहुंचाना है। लेकिन योजनाओं के अटके रहने से ग्रामीण परिवारों को अब भी पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है।
समय पर राशि मिलने पर ही इन योजनाओं को गति मिल सकती है और लोगों को इसका पूरा लाभ मिल पाएगा।




