Ranchi : रांची में चर्चित शराब और जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है। जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
काली कमाई को ठिकाने लगाने का आरोप
जांच में यह आरोप सामने आया है कि विनय चौबे ने शराब और जमीन घोटाले से हासिल की गई काली कमाई को छिपाने के लिए अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही शेल कंपनियों और रियल एस्टेट सेक्टर के माध्यम से पैसे को इधर-उधर किया गया। एसीबी को शक है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से बनाया गया था।

चार्टर्ड अकाउंटेंट से होगी पूछताछ
एसीबी ने विनय चौबे के चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र शर्मा को समन भेजकर तलब किया है। पूछताछ के दौरान उनसे विनय चौबे और उनके परिजनों की घोषित आय और वास्तविक संपत्तियों के बीच अंतर को लेकर सवाल किए जाएंगे। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि विभिन्न निवेश योजनाओं और बेनामी संपत्तियों में सीए की क्या भूमिका रही।
वित्तीय लेन-देन पर रहेगा फोकस
एसीबी उपेंद्र शर्मा से उन सभी वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा मांगेगी, जो विनय चौबे और उनके करीबी लोगों के खातों से किए गए हैं। जांच एजेंसी यह समझना चाहती है कि पैसे का स्रोत क्या था और उसे कहां-कहां निवेश किया गया।
पहले ही दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
गौरतलब है कि इस मामले में 24 नवंबर को रांची थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस केस में विनय चौबे के अलावा उनके परिवार के सदस्यों और करीबियों को भी आरोपी बनाया गया है। एसीबी की जांच से आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




