Beating the Retreat Ceremony at Vijay Chowk : दिल्ली के विजय चौक (Vijay Chowk) पर गुरुवार शाम बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का शानदार आयोजन हुआ।
इस अवसर पर ,”Draupadi Murmu”,”भारत की राष्ट्रपति”],”नरेंद्र मोदी”,”भारत के प्रधानमंत्री”],”जगदीप धनखड़”,”भारत के उपराष्ट्रपति”],”राजनाथ सिंह”,”भारत के रक्षा मंत्री”] सहित कई केंद्रीय मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

इस सेरेमनी के साथ चार दिन तक चले गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों का औपचारिक समापन हो गया।
सेना की सलामी और देशभक्ति की धुनें
कार्यक्रम की शुरुआत में सेना ने राष्ट्रपति को नेशनल सैल्यूट दिया। इसके बाद National Flag फहराया गया और राष्ट्रगान की धुन बजी।
तीनों सेनाओं के बैंड ने सेरेमनी की शुरुआत प्रसिद्ध धुन ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ से की, जिसने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।
विजय चौक और उसके आसपास स्थित प्रमुख इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा इलाका बेहद आकर्षक नजर आया।

रक्षा मंत्री का संदेश
रक्षा मंत्री “राजनाथ सिंह”,”भारत के रक्षा मंत्री” ने कहा कि Beating the Retreat भारतीय सेना की एक ऐतिहासिक परंपरा है।
यह आयोजन राष्ट्रीय गौरव, अनुशासन और सेना की विरासत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समारोह देश के लिए गर्व का क्षण होता है और इससे सशस्त्र बलों की एकता और अनुशासन का संदेश जाता है।
परंपरा का इतिहास
Beating the Retreat सेरेमनी की परंपरा 300 साल से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। राजा-महाराजाओं के समय में सूर्यास्त के बाद युद्ध बंद होने की घोषणा बिगुल बजाकर की जाती थी।
जैसे ही बिगुल बजता था, सैनिक युद्ध रोककर अपने शिविरों की ओर लौट जाते थे। भारत में इस परंपरा की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी।
विदेशों में भी होती है परंपरा
भारत के अलावा ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों में भी Beating the Retreat सेरेमनी आयोजित की जाती है। हर देश में इसका उद्देश्य एक ही होता है—सेना के सम्मान और परंपरा को जीवित रखना।
गणतंत्र दिवस 2026 की झलक
इस अवसर पर गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए बेस्ट मार्चिंग टुकड़ी और बेस्ट झांकी के नतीजों की भी घोषणा की गई।
जानकारी के अनुसार, तीनों सेनाओं में इंडियन नेवी को बेस्ट मार्चिंग टुकड़ी चुना गया, जबकि दिल्ली पुलिस, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और सहायक बलों की श्रेणी में पहला स्थान मिला।
छात्र नजरिया
एक छात्र के रूप में यह समारोह देखकर गर्व महसूस होता है। Beating the Retreat न सिर्फ एक परंपरा है, बल्कि यह हमें अनुशासन, एकता और देशप्रेम का महत्व भी सिखाती है।




