Wild Elephant Movement Alert : गुमला जिले में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।
अनुमंडल दंडाधिकारी ने BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

यह आदेश 30 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 की शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
किन इलाकों में ज्यादा खतरा
थाना प्रभारी और अंचलाधिकारी की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
Report में बताया गया है कि भरनो थाना क्षेत्र के सुपा, मलगो, मोरगांव, बुढीपाट और महुआटोली गांवों के आसपास करीब 18 जंगली हाथियों का झुंड घूम रहा है। हाथियों के आबादी वाले इलाकों के पास आने से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंध
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी Rajeev Neeraj ने निषेधाज्ञा लागू की है। आदेश के अनुसार, हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों के पास पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।

साथ ही आम रास्तों को अवरुद्ध करने की भी अनुमति नहीं होगी। हालांकि, सरकारी कार्यों में लगे कर्मचारी, बाजार-हाट, धार्मिक पूजा-पाठ, शादी-विवाह और शव यात्रा को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
हथियार और वाहनों पर भी नजर
निषेधाज्ञा क्षेत्र में बिना अनुमति हथियार या Explosive सामग्री ले जाने पर रोक लगाई गई है। पुलिस और Duty पर तैनात सुरक्षा बलों की लाठी को इससे अलग रखा गया है।
इसके अलावा तीन से अधिक वाहनों के एक साथ चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जंगली हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।
निषेधाज्ञा की अवधि खत्म होने से पहले स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है, ताकि आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सके।




