Special Seminar Held in Ranchi : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Highways) के निर्देश पर झारखंड में पूरे जनवरी माह को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के रूप में मनाया गया।
इस दौरान राज्यभर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान का उद्देश्य “Zero Fatality” यानी सड़क हादसों में होने वाली मौतों को शून्य तक लाना रहा।
राजधानी में हुआ समापन कार्यक्रम
इस अभियान के सफल समापन पर राजधानी रांची स्थित चाणक्य BNR में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा सेमिनार सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें परिवहन, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा झारखंड सरकार की सबसे अहम प्राथमिकताओं में शामिल है।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जानहानि को कम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी
परिवहन मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक का साझा दायित्व है।
यदि सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें, तो दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।
अधिकारियों और विशेषज्ञों ने रखे विचार
सेमिनार में परिवहन विभाग (Transport Department) की सचिव विप्रा भाल, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, रांची ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव संगीता लाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक और विभिन्न नोडल विभागों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
दुर्घटनाओं का बड़ा कारण मानवीय भूल
परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण मानवीय गलती होती है। उन्होंने ‘Right of Way’ की समझ विकसित करने और एक-दूसरे के अधिकारों का सम्मान करने पर जोर दिया।
वहीं ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं में ‘Drunk and Drive’ एक प्रमुख कारण है।
शपथ और सम्मान समारोह
कार्यक्रम के समापन सत्र में परिवहन मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों, विशेषज्ञों और नागरिकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई।
सभी ने सीट बेल्ट और हेलमेट के अनिवार्य उपयोग तथा वाहन चलाते समय Mobile Phone का इस्तेमाल न करने का संकल्प लिया।
सड़क सुरक्षा मित्र और नेक नागरिक सम्मानित
इस मौके पर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले सड़क सुरक्षा मित्रों और नेक नागरिकों को सम्मानित किया गया। चाईबासा, रांची, जामताड़ा और लातेहार के लोगों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
जिलों के उत्कृष्ट कार्यों को सराहना
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान बेहतर जागरूकता कार्य करने वाले सभी 24 जिलों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न दिए गए।
हिट एंड रन मुआवजा योजना, गुड समेरिटन नीति और दुर्घटना मृत्यु दर में कमी लाने वाले जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
छात्र नजरिए से
एक छात्र के रूप में देखा जाए तो ऐसे कार्यक्रम हमें यह सिखाते हैं कि सड़क पर हमारी छोटी-छोटी सावधानियां किसी की जान बचा सकती हैं। नियमों का पालन करना केवल डर से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भावना से जरूरी है।




