Abhu Housing Scheme in Jharkhand : झारखंड में चल रही अबुआ आवास योजना इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।
योजना के तहत लाभुकों को समय पर राशि नहीं मिलने के कारण कई जिलों में आवास निर्माण (Housing Construction) का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

पिछले करीब चार महीनों से भुगतान रुका होने की वजह से कई जगहों पर घरों का निर्माण अधूरा पड़ा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।
भुगतान न मिलने से निर्माण कार्य बाधित
राज्य के अलग-अलग जिलों से यह बात सामने आई है कि लाभुकों को समय पर किस्त नहीं मिलने के कारण मजदूरी और सामग्री की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
इसका सीधा असर आवास निर्माण पर पड़ा है। कई जगहों पर काम पूरी तरह से बंद हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर काम बहुत धीमी गति से चल रहा है।
लक्ष्य के मुकाबले अधूरी उपलब्धि
वित्तीय वर्ष 2023-24 की प्रगति Report के अनुसार, राज्य में कुल 2 लाख आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले अब तक 1,25,173 आवास ही पूरे हो सके हैं।

इस तरह कुल प्रगति प्रतिशत 64.16 फीसदी ही है। अभी भी 69,911 आवास अधूरे बताए जा रहे हैं, जो योजना की धीमी रफ्तार को दिखाता है।
जिलावार स्थिति में बड़ा अंतर
Report में जिलों की स्थिति भी सामने आई है। पाकुड़ में 78.09 प्रतिशत, सिमडेगा में 76.34 प्रतिशत और पूर्वी सिंहभूम में 75.46 प्रतिशत आवास पूरे हुए हैं।
वहीं कोडरमा, रामगढ़, गुमला और बोकारो जैसे जिलों में प्रगति 70 से 75 प्रतिशत के बीच है।
कुछ जिलों में हालात चिंताजनक
कुछ जिलों की स्थिति काफी खराब मानी जा रही है। पश्चिमी सिंहभूम में केवल 35.03 प्रतिशत आवास ही पूरे हो पाए हैं, जो सबसे कम है।
इसके अलावा गढ़वा (53.01%), गोड्डा (54.55%) और पलामू (56.60%) का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है। Giridih और चतरा में भी स्थिति संतोषजनक नहीं मानी जा रही है।
सुधार की जरूरत
Abua Housing Scheme गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बहुत अहम है। ऐसे में समय पर भुगतान और बेहतर निगरानी से ही योजना को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है, ताकि लोगों को जल्द उनका पक्का घर मिल सके।




