Ruckus and Strong Statements in Rajya Sabha : नई दिल्ली में गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान माहौल काफी गर्म रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सदन में अपना जवाब रखा। इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने उनके भाषण का विरोध किया और नारेबाजी शुरू कर दी।

विरोध के बीच विपक्ष के कई सदस्य Walkout कर गए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने बिना रुके अपना भाषण जारी रखा।
नारेबाजी और वॉकआउट पर PM की प्रतिक्रिया
भाषण के दौरान विपक्ष के नारे लगाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे थक गए हैं और इसलिए बाहर चले गए।
इसके बाद उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनानी शुरू कीं और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह परेशानी है कि मोदी यहां तक कैसे पहुंच गया।
कांग्रेस पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री ने कहा कि Congress को लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है। इसी सोच के कारण वे “मोदी की कब्र खोदेंगे” जैसे नारे लगाते हैं।

PM मोदी ने कहा कि वे मोहब्बत की बात करते हैं, लेकिन भाषा और सोच में नफरत झलकती है। यह किसी नागरिक की बात नहीं, बल्कि उनके अंदर की नकारात्मक सोच को दिखाता है।
विपक्ष पर आरोप और पुरानी सरकारों का जिक्र
PM मोदी ने बिना नाम लिए कहा कि कुछ नेता आर्थिक असमानता की बात करते हैं, लेकिन खुद को राजा समझते हैं।
उन्होंने TMC सहित विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों के चक्कर लगाए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि अपनी जेब भरना रही है।
राष्ट्रहित, सुरक्षा और विकास का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश सुधारों की रफ्तार पर आगे बढ़ चुका है। 2014 से पहले बड़े-बड़े लोन फोन कॉल पर मिल जाते थे और NPA बढ़ता जा रहा था।
आज बैंकिंग सेक्टर में सुधार हुआ है और NPA में कमी आई है। उन्होंने बिना गारंटी वाले मुद्रा लोन, PSU के मुनाफे और ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का भी जिक्र किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका
PM मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है। यूरोपीय यूनियन और अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं के लिए वैश्विक बाजार खुले हैं।
राष्ट्रपति के संबोधन पर विवाद
प्रधानमंत्री ने लोकसभा का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा न करना संविधान का अपमान है।
यह आदिवासी परिवार से आने वाली महिला राष्ट्रपति का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है।
अपने लंबे भाषण में प्रधानमंत्री Modi ने विपक्ष पर तीखे आरोप लगाए, वहीं सरकार के कामकाज और भविष्य की योजनाओं को भी सामने रखा।
सदन में हंगामे के बावजूद उन्होंने कहा कि चर्चा का स्तर और ऊंचा होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष ने मौका गंवा दिया।




