Major Action Against Coal Companies : धनबाद जिले में जिला खनन विभाग (Mining Department) ने राजस्व वसूली को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
विभाग ने कई प्रमुख कोयला कंपनियों को भारी बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया है।

इस कार्रवाई के तहत कुल 183.85 अरब रुपये, यानी करीब 18,385 करोड़ रुपये की वसूली की मांग की गई है। विभाग का कहना है कि यह राशि लंबे समय से बकाया थी।
किन कंपनियों पर कितना बकाया
जिला खनन विभाग के अनुसार अलग-अलग कंपनियों पर अलग-अलग राशि बकाया है।
BCCL पर 17,337.87 करोड़ रुपये
टाटा स्टील लिमिटेड (Jharia Division) पर 385.19 करोड़ रुपये
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (मुगमा एरिया) पर 328.77 करोड़ रुपये

सेल (चासनाला) पर 333.42 करोड़ रुपये
इन सभी कंपनियों को बकाया राशि जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है।
कई कोलियरियों को किया गया शामिल
अधिकारियों ने बताया कि BCCL की विक्टोरिया, गोविंदपुर, कतरास, सिजुआ, बरौरा, ब्लॉक-2, कुसुंडा, पीबी एरिया, बस्ताकोला, लोदना, ईस्टर्न और वेस्टर्न झरिया समेत कुल 46 कोलियरियों पर बकाया तय किया गया है।
इसके अलावा ईसीएल की 8, सेल की 2 और टाटा स्टील की 3 कोलियरियां भी इस दायरे में आती हैं।
सुनवाई के बाद जारी हुआ नोटिस
खनन विभाग ने बताया कि कंपनियों का पक्ष सुनने के बाद दिसंबर तक सुनवाई पूरी कर ली गई थी। इसके बाद अब विधिवत Notice देकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। विभाग ने साफ कहा है कि तय समय पर भुगतान नहीं होने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
15 दिन की समय-सीमा
कंपनियों को नोटिस मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है। अगर तय समय सीमा में भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ Certificate Case दर्ज कर कानूनी तरीके से वसूली की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा ने बताया कि इन कंपनियों ने वर्ष 2000 से 2010 के बीच स्वीकृत क्षेत्र से अधिक भूमि पर कोयला उत्खनन किया था। यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर की जा रही है।
छात्र की नजर से निष्कर्ष
यह कार्रवाई दिखाती है कि सरकार अब बकाया राजस्व को लेकर गंभीर है। अगर समय पर वसूली होती है, तो इससे सरकारी खजाने को बड़ा लाभ मिलेगा और नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा।




