Deoghar Ropeway Accident : देवघर रोपवे दुर्घटना से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस हादसे के बाद की गई सरकारी कार्रवाई को पहले High Court ने सही ठहराया था, लेकिन अब मामला Supreme Court पहुंच गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड (DRIL) की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और आगे की सुनवाई का रास्ता खोल दिया है।

रोपवे निर्माण और जिम्मेदारी का इतिहास
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 में रोपवे निर्माण का काम DRIL को दिया गया था। निर्माण पूरा होने के बाद 21 जुलाई 2008 को यह रोपवे पर्यटन विभाग को सौंप दिया गया।
इसके बाद रोपवे संचालन की जिम्मेदारी झारखंड पर्यटन विकास निगम (JTDC) को दी गई थी।
10 अप्रैल 2022 की दर्दनाक घटना
10 अप्रैल 2022 को Deoghar Ropeway में बड़ा हादसा हुआ। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 59 लोग रोपवे में फंस गए थे। हालात इतने गंभीर हो गए कि राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी।
जांच और सरकार की सख्त कार्रवाई
हादसे के बाद 19 अप्रैल 2022 को सरकार ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया। जांच रिपोर्ट में दुर्घटना के लिए DRIL को जिम्मेदार ठहराया गया।

इसके बाद सरकार ने DRIL पर 9.11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और कंपनी को पांच साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। जुर्माने की वसूली का जिम्मा JTDC को सौंपा गया, लेकिन अब तक राशि की वसूली नहीं हो पाई है।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक मामला
सरकारी कार्रवाई को DRIL ने पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सरकार की कार्रवाई को सही माना और DRIL की याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद DRIL ने पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसे भी खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि कंपनी की ओर से कोई नया तथ्य पेश नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई
हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई हारने के बाद DRIL अब सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। Supreme Court ने राज्य सरकार और JTDC को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है।
साथ ही DRIL को नए तथ्यों को रखने की भी अनुमति दी गई है। अब यह तय होगा कि DRIL को ब्लैकलिस्ट करने की अवधि और जुर्माने पर सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला देता है।




