Jharkhand Shaken by Elephant Attacks: गोमिया क्षेत्र में हाथियों के झुंड द्वारा लोगों को कुचलने की दर्दनाक घटना ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है।
इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में डर और शोक का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय लोग काफी सहमे हुए हैं और वन्यजीवों के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जता रहे हैं।
घायलों का इलाज और सरकारी निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari ने बताया कि मुख्यमंत्री Hemant Soren के निर्देश पर वे मंत्री योगेंद्र महतो के साथ रिम्स पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को साफ निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर और समय पर इलाज मिले तथा किसी भी तरह की लापरवाही न हो। सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च खुद वहन करेगी।
मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता
Dr. Irfan Ansari ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता
हाथियों के बढ़ते हमलों पर चिंता जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जंगलों के लगातार सिमटने और मानव हस्तक्षेप बढ़ने से मानव-वन्यजीव (Human-wildlife) संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
यह एक गंभीर समस्या है, जिसका स्थायी समाधान जरूरी है। इसके लिए ठोस नीति और लंबे समय तक चलने वाले प्रयासों की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने रिम्स के विस्तार और रिम्स-2 की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि आम जनता को बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।




