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पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं उत्तराखंड के पर्यटन स्थल

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देहरादून: उत्तराखंड न केवल हिमालय की खूबसूरती को प्रदर्शित करता है बल्कि एक सांस्कृतिक सभ्यता और लोकाचार की भावना को भी प्रकट करता हैं।

प्राकृतिक सुंदरता व संसाधनों से भरपूर उत्तराखंड में हिमालय पर्वत श्रृंखला के चोपता, टिहरी, अल्मोड़ा सहित कई पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को राज्य में आने लिए आकर्षित करते हैं।

पर्यटक यहां अपनी यात्रा और छुट्टियों को खासकर मानसून में यादगार बना सकते हैं। नए-नए पर्यटक इन स्थलों का लुत्फ उठा सकते हैं।

लोकप्रिय तीर्थ स्थल के साथ यहां हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र और पावन मानी जाने वाली नदियों में से दो नदियां गंगा और यमुना का उद्गम स्थल है।

राज्य में मसूरी, नैनीताल जैसे कई पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों का सीजन में तांता लगा रहता है।

यहां की खड़ी पहाड़ी, ढलानों पर चढ़ने का खूबसूरत अनुभव पर्यटकों को बहुत भाता है।

ऐसे में अगर आप भीड़ से दूर शांत जगहों पर जाना चाहते हैं तो आपके लिए यहां कुछ पर्यटन स्थल मानसून को बेहद यादगार बना सकते हैं।

चोपता के स्थल बनाएंगे यात्रा को यादगार

पहाड़ों की रानी मसूरी ने हमेशा दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित किया है, खासकर मानसून के दौरान। सुरम्य परिदृश्य मानसून का आनंद लेने के लिए सबसे अच्छा है।

हालांकि, अगर आप मसूरी की तुलना में किसी विकल्प की तलाश कर रहे हैं तो चोपता आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प में से एक है।

यह स्थान आपको हरे भरे परिदृश्य से लेकर शोर-मुक्त वातावरण तक सब कुछ देता है। चोपता की प्राकृतिक खूबसूरती और हरियाली आपको आनंदित कर देगी।

यहां की नम हवा में बसी और दरख्तों से लिपटी सौंधी-सी खुशबू आपके तन-मन को तरोताजा कर देंगी।

यहां पहुंचकर आपकी आत्मा उत्साह और संतुष्टि से भर जाएगी। चोपता फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग, कैंपिंग, योग, ध्यान और अन्य गतिविधियों के लिए सबसे अच्छी जगह है।

कैसे पहुंचे चोपता

देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश से सड़क मार्ग से बस और टैक्सी के जरिए चोपता आसानी से पहुंचा जा सकता है।

चोपता के आसपास आप चंद्रशिला ट्रेक, देवरिया ताल, दुग्गल बिटा, कालीमठ, सारी गांव का भी भ्रमण कर सकते हैं।

टिहरी का बोटिंग खास

आप रोमांच के लिए एक अलग जगह की तलाश में हैं तो टिहरी अच्छे विकल्पों में से एक है। 42 वर्ग किमी टिहरी झील प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है।

टिहरी झील में बोटिंग का रोमांच हर किसी को प्रभावित करता है। देश के हर क्षेत्र से पर्यटक यहां आते हैं।

टिहरी झील में न केवल बोटिंग का लुत्फ उठाया जाता है बल्कि साहसिक खेलों के लिहाज से भी यह देश का प्रमुख केंद्र बन गया है।

इसको देखते हुए यहां पर साहसिक खेल अकेडमी का संचालन भी शुरू हो गया है। फिल्म शूटिंग के लिए भी यह स्थान महत्वपूर्ण है।

कैसे पहुंचे टिहरी

टिहरी राज्य के अधिकांश प्रमुख शहरों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के साथ जुड़ा हुआ है। गढ़वाल क्षेत्र के प्रमुख शहरों से बसें और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।

टिहरी में आप कांडालात, रानीचौरी, सुरकुंडा देवी मंदिर, खिर्सू का भी भ्रमण कर सकते हैं।

हिमालय की पृष्ठभूमि में बसा अल्मोड़ा

अल्मोड़ा हिमाच्छादित हिमालय की पृष्ठभूमि में बसा एक सुरम्य शहर है। अल्मोड़ा अपनी समृद्ध संस्कृति, अद्वितीय हस्तशिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्ध है।

धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के नाम से अल्मोड़ा एक लोकप्रिय नगर है।

इस नगर के आस-पास बहुत से सुंदर पर्यटक स्थलों के साथ जागेश्वर धाम, चितई गोलू देवता मंदिर, दूनागिरी, बिनसर महादेव, रानीखेत जैसे कई प्रमुख पर्यटक स्थल हैं।

अल्मोड़ा के सबसे नजदीक हवाई अड्डा पंतनगर और रेलवे स्टेशन काठकोदाम में स्थित है जबकि सड़क मार्ग के जरिए भी आसानी से अल्मोड़ा पहुंचा जा सकता है।

अल्मोड़ा में आप गैराड गोलू देवता, नंदा देवी मंदिर, बिनसर, कसार देवी मंदिर और रानीखेत का भी भ्रमण कर सकते हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में कई खूबसूरत जगहें हैं जो हमेशा पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

सरकार पर्यटकों की सुविधाओं के अनुसार नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने का काम कर रही है।

होमस्टे योजना के तहत अभी तक प्रदेश भर में करीब 3500 होमस्टे पंजीकृत हो चुके हैं जिससे उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि 13 जिले 13 डेस्टिनेशन योजना के तहत प्रदेश भर में नए पर्यटन स्थलों को तलाश कर उन्हें विकसित करने के लिए काम किए जा रहे हैं जिनसे पर्यटकों को इन स्थानों पर वर्ककेशन की सुविधा भी मिलेगी।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने ट्रैक रूट पर आवासीय सुविधा बढ़ाने के लिए योजना बनाई है।

इन गांवों के स्थानीय लोगों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिसमें राज्य के विभिन्न ट्रेक रूट पर होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।

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