Prevention of eye Diseases in the State: झारखंड सरकार ने राज्य में नेत्र रोगों की रोकथाम और समय पर इलाज को मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत अंधापन निवारण कार्यक्रम (Blindness Prevention Program) को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

इसके अंतर्गत कार्यक्रम से जुड़े मानव संसाधन के वेतन भुगतान के लिए 3.10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
वेतन भुगतान को मिली मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वीकृत राशि का उपयोग अंधापन निवारण कार्यक्रम से जुड़े कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया जाएगा।
इससे कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और कार्यक्रम के संचालन में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी। विभाग का मानना है कि मानव संसाधन की निरंतर उपलब्धता कार्यक्रम की सफलता के लिए बहुत जरूरी है।
नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा सहारा
स्वास्थ्य विभाग (Health Department) का कहना है कि यह कार्यक्रम राज्य में आंखों से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभा रहा है।

योजना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को समय पर जांच, इलाज और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे खासकर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
नियमों के अनुसार होगा संचालन
सरकार ने साफ किया है कि योजना का संचालन तय वित्तीय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।
खर्च की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी होगी और राशि का उपयोग समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। इससे योजना पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
ग्रामीण इलाकों पर रहेगा विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस योजना से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता से कार्यक्रम के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सेवाएं पहुंच सकेंगी।
अंधापन रोकना है मुख्य लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि आंखों से जुड़ी बीमारियों के कारण किसी भी व्यक्ति को स्थायी दृष्टिहीनता का सामना न करना पड़े। समय पर जांच और इलाज से लोगों की आंखों की रोशनी बचाई जा सके और उन्हें बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।
आगे की उम्मीदें
इस फैसले को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे Blindness Prevention Program को नई गति मिलेगी और राज्य में नेत्र स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।




