बाटला हाउस एनकाउंटर के बाद दिल्ली पुलिस पर था पॉलिटिकल प्रेशर

नई दिल्ली: बाटला हाउस एनकाउंटर केस में आज दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आरिज खान को मौत की सजा सुनाई है।

आरिज खान को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या के दोषी पाया गया था। कोर्ट के फैसले पर दिल्ली पुलिस ने खुशी का इजाहर किया है।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल डीसीपी संजीव यादव ने कहा कि इस फैसले से मोहन चंद शर्मा को सच्ची श्रद्धांजलि मिल रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि इससे एनकाउंटर में शामिल पुलिस और टीम का मनोबल बढ़ेगा। आपको बता दें कि डीसीपी संजीव कुमार यादव ने 2008 के बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान एक टीम का नेतृत्व किया था।

बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में किसी तरह के राजनीतिक दबाव की बात पर डीसीपी यादव ने कहा कि इस मामले के आसपास की राजनीति ने हमें कभी प्रभावित नहीं किया। हमने अपनी जांच पर ध्यान केंद्रित किया।

जब भी कोई ऐसा मुद्दा सामने आया तो हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे अच्छी तरह से सुलझाया। कभी भी किसी दबाव को हम तक नहीं पहुंचने दिया।

डीसीपी यादव ने बताया कि मैंने इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया। वह बहुत पेशेवर अधिकारी थे।

यह राहत की बात है कि उनके हत्यारे को मृत्युदंड दिया गया है।

वहीं, दिल्ली पुलिस के पूर्व ज्वॉइंट कमिश्नर करनैल सिंह ने कहा कि आज के फैसले से पता चलता है कि पुलिस ने सही जांच की और इसका श्रेय (दिवंगत) अधिकारी मोहन चंद शर्मा और संजीव कुमार यादव को जाता है।

बाटला हाउस एनकाउंटर के बाद इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादियों को तलाश करने में मदद मिली और उनकी सांठगांठ का पर्दाफाश हुआ।

करनैल सिंह ने कहा कि मुठभेड़ के खिलाफ अपील करने के लिए एक प्रक्रिया है। लोगों को इसके परिणाम की प्रतीक्षा करनी चाहिए और फिर टिप्पणी करनी चाहिए।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मुठभेड़ की जांच की और इसे वास्तविक बताया। दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे स्वीकार कर लिया।

बिना सबूत के लोगों को किसी एजेंसी के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बाटला हाउस एनकाउंटर में दोषी आरिज खान को दिल्ली की कोर्ट द्वारा मिली फांसी की सजा पर कहा कि मुझे सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, दिग्विजय सिंह से सवाल पूछना है।

इन लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। अब वे सब देश से माफी मांगें।

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