Gold and Silver Prices fell Sharply : यूनियन बजट 2026-27 पेश होने के बाद शेयर बाजार के साथ-साथ Commodity Market भी दबाव में आ गया। बजट के अगले ही दिन बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।
सोना और चांदी, जो कुछ दिन पहले तक Record ऊंचाई पर पहुंचे थे, अचानक लुढ़क गए। लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को असमंजस में डाल दिया।

वायदा बाजार में बिकवाली का असर
वायदा बाजार में बिकवाली इतनी तेज रही कि कुछ ही घंटों में कीमतें अपने All Time High से काफी नीचे आ गईं। इस तेज गिरावट ने पूरे बाजार का रुख बदल दिया और निवेशकों की रणनीति पर भी असर पड़ा।
दो दिनों में बदल गया पूरा समीकरण
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को चांदी करीब 4.01 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी।
लेकिन 1 फरवरी को यह गिरकर करीब 2.66 लाख रुपये प्रति किलो रह गई। यानी सिर्फ दो दिनों में चांदी लगभग 1.36 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।
सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट
सोने का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। 29 जनवरी को सोना वायदा बाजार में करीब 1.69 लाख रुपये तक पहुंच गया था। अब यह गिरकर लगभग 1.38 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।

वहीं, 10 ग्राम सोने का भाव घटकर करीब 1.46 लाख रुपये रह गया है। कुल मिलाकर दो दिनों में सोने की कीमत में 30 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
गिरावट की दो बड़ी वजहें
बाजार जानकारों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं।
पहली वजह – मुनाफावसूली: जब सोना-चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे, तो निवेशकों ने मुनाफा काटना शुरू कर दिया। भारी बिकवाली से कीमतें नीचे आ गईं।
दूसरी वजह – फिजिकल डिमांड की सुस्ती: कीमतें ज्यादा बढ़ने पर आम ग्राहकों और Jewelery Industry की खरीद कमजोर पड़ गई, जिससे मांग घटी और दामों पर दबाव बना।
छात्र की नजर से
एक छात्र के तौर पर देखें तो यह साफ है कि बाजार में कीमतें हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। ज्यादा तेजी के बाद गिरावट आना आम बात है, इसलिए Investment और खरीदारी सोच-समझकर करनी चाहिए।




