पाकिस्तान से जीत पर तीनों सेनाएं मना रही हैं ‘स्वर्णिम-विजय वर्ष

नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में जीत हासिल करने की ख़ुशी में हर साल 4 दिसम्बर को मनाया जाने वाला नौसेना दिवस इस बार कोरोना का शिकार हो गया है।

इसलिए भारतीय नौसेना ने इस साल का नौसेना एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य पर मनाने का फैसला लिया है।

नौसेना ने आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल लांच करके देशवासियों को अपने मोबाइल फोन के जरिए वर्चुअल टूर करने का मौका दिया है। अगले साल यानी 2021 में पाकिस्तान पर विजय के 50 साल पूरे हो रहे हैं।

इसलिए इस साल से ही भारत की तीनों सेनाएं थलसेना, नौसेना और वायुसेना ‘स्वर्णिम-विजय वर्ष’ मना रही हैं।

पाकिस्तानी सेना पर 1971 के युद्ध में विजय हासिल करने की खुशी में भारतीय नौसेना हर साल की तरह इस बार 4 दिसम्बर को ‘नौसेना दिवस’ नहीं मना रही है।

हर साल नौसेना दिवस के मौके पर भारतीय नौसेना देश के नागरिकों को अपने किसी न किसी युद्धपोत पर आमंत्रित करती रही है।

इसका मकसद आम नागरिकों को नौसेना के बारे में जानकारी देने के साथ ही युवाओं को करियर के लिए नौसेना के प्रति आकर्षित करना भी होता है।

इस बार कोविड-19 की वजह से भारतीय नौसेना ने नागरिकों को अपने युद्धपोत पर आमंत्रित न करने का फैसला लिया है।

इस साल नौसेना दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है, जब भारत का एलएसी पर चीन से पिछले सात महीनों से टकराव चल रहा है, इसीलिए इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट है।

नौसेना ने आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल लांच करके एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य पर वर्चुअल टूर आयोजित किया है।

इसके जरिए देशवासी अपने मोबाइल फोन पर यूट्यूब लिंक पर क्लिक कर विक्रमादित्य पर आभासी तरह से घूम सकते हैं।

फ्लाइट-डेक से लेकर लड़ाकू विमानों के ऑपरेशंस और बाकी अन-क्लासिफाइड एरिया की जानकारी लेने के लिए उन्हें अपने स्मार्ट मोबाइल फोन को 360 डिग्री घूमाना होगा।

भारतीय नौसेना ने इस बार ‘काम्बेट रेडी, क्रेडिएबिल एंड कोहेंसिव’ यानि ‘युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय और सामंजस्पूर्ण’ थीम रखी है।

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