राज्यसभा में गूंजी अवधी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

नई दिल्ली: राज्यसभा में अवधी भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने की मांग जोरदार ढ़ंग से गूंजी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अशोक वाजपेयी ने इस मांग को उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में तकरीबन पांच करोड़ लोग अवधी बोलते हैं और इसको सम्मान मिलने से हिन्दी भाषा भी समृद्ध होगी।

राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान वाजपेयी ने अवधी भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इस भाषा का सहित्य बहुत ही समृद्ध है।

राम चरित मानस समेत कई प्रमुख ग्रंथ अवधी भाषा में ही लिखे गए हैं। इसके साथ पुस्तकों में दोहे और छंद भी इसी भाषा में हैं।

वाजपेयी ने कहा कि इसी वर्ष अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है और उनकी मांग है कि अवधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।

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