Controversy Escalated over the Route to the Hospital : धनबाद में सदर अस्पताल की बाउंड्री वॉल और कोर्ट परिसर के रास्ते को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को अचानक उग्र हो गया।
Boundary Wall को नुकसान पहुंचने और कथित पत्थरबाजी की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, जिसे देखते हुए प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से Court परिसर और सदर अस्पताल क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया।
दोनों पक्षों से बातचीत की कोशिश
इस मामले में SDM लोकेश बागरे ने बताया कि प्रशासन दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दीवार को क्षति पहुंचाने और पत्थरबाजी की घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य फिलहाल शांति बनाए रखना है।
रास्ता और पार्किंग बना विवाद की वजह
रास्ता और Parking की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि Court परिसर तक पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता और पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है। प्रशासन द्वारा 6 फीट चौड़ा रास्ता देने के फैसले के बाद समाधान की उम्मीद जगी है, हालांकि तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बार एसोसिएशन का पक्ष
Bar Association के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि प्रशासन के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जनरल बॉडी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें पेन डाउन हड़ताल समाप्त करने पर निर्णय लिया जाएगा।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं की ओर से किसी तरह की तोड़फोड़ या पत्थरबाजी नहीं हुई है।
उनके अनुसार कुछ अज्ञात लोगों ने वकीलों के बीच घुसकर घटना को अंजाम दिया, जो एक साजिश हो सकती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रशासन और पुलिस की सख्ती
घटना की सूचना मिलते ही SDM लोकेश बागरे और डीएसपी Law and Order नौशाद आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने अधिवक्ताओं पर दीवार तोड़ने और पत्थरबाजी का आरोप लगाया है, जिसे बार एसोसिएशन ने सिरे से खारिज कर दिया है।
आगे क्या होगा
लगातार बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने कोर्ट परिसर में आवागमन सुगम बनाने के लिए 6 फीट चौड़ा रास्ता देने का फैसला लिया है।
इस मुद्दे पर प्रशासन और Bar Association के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है। फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और सभी की नजरें आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं।




