Bharatiya Mazdoor Sangh’s grand Convention Puri : पुरी, ओडिशा: ओडिशा के पुरी शहर में 6 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित भारतीय मजदूर संघ (Bharatiya Mazdoor Sangh) के अखिल भारतीय केंद्रीय अधिवेशन के दौरान एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
इस आयोजन में देश-विदेश से आए भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पदाधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए। शोभायात्रा ने संगठन की एकता, अनुशासन और शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

हजारों की भागीदारी, राष्ट्रभक्ति का माहौल
शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रमिकों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भारत माता की जय और वंदे मातरम् जैसे नारों से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। आयोजन को व्यापक समर्थन मिला और जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
108 एंबुलेंस कर्मियों की समस्याएं उठीं
झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने बताया कि अधिवेशन के दौरान 108 एंबुलेंस कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया गया।
उन्होंने कहा कि दिन-रात जनसेवा में लगे इन कर्मचारियों को समय पर वेतन, PF, ESIC, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक नहीं मिल पा रही हैं। ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने रखा गया।

ठेका प्रथा खत्म करने की मांग
नीरज तिवारी ने बताया कि ठेका प्रथा को समाप्त कर 108 Ambulance कर्मियों को सीधे सरकार के अधीन लेने की मांग को लेकर एक प्रस्ताव भारतीय मजदूर संघ, झारखंड प्रदेश के महामंत्री राजीव रंजन सिंह के समक्ष रखा गया। इस प्रस्ताव में कर्मचारियों को स्थायित्व और सुरक्षित भविष्य देने की बात कही गई।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर भी फोकस
अधिवेशन में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया।
संगठन ने न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षित कार्यस्थल और नियमित भुगतान जैसे मुद्दों पर लगातार संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी
तीन दिवसीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया रहे।
कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, उपमुख्यमंत्री प्रतिभा पाटिल, सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही।
बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी, विभिन्न राज्यों और देशों से आए प्रतिनिधि तथा हजारों श्रमिकों की भागीदारी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।




