Maxizone Chit Fund Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Maxizone चिट फंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10.36 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
ED के अनुसार, यह संपत्ति धोखाधड़ी और Money Laundering के जरिए जुटाई गई रकम से खरीदी गई थी। जब्त की गई संपत्तियों में अचल और चल, दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं।

अचल संपत्तियों पर चला ED का शिकंजा
ED ने बताया कि जब्त की गई कुल संपत्ति में लगभग 4.98 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। इनमें गाजियाबाद और राजनगर Extension जैसे इलाकों में स्थित दुकानें, फ्लैट और आवासीय इकाइयां हैं।
ये संपत्तियां Maxizone कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह और अन्य करीबी रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज पाई गईं।
बैंक जमा और जेवरात भी जब्त
ED की कार्रवाई में 5.38 करोड़ रुपये की चल संपत्ति भी जब्त की गई है। इसमें विभिन्न बैंकों में जमा डिमांड ड्राफ्ट (DD), नकद लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, साथ ही सोने और चांदी के आभूषण शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह रकम सीधे तौर पर निवेशकों से ठगी कर जुटाई गई थी।
धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ED के मुताबिक, Maxizone के जरिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया और बाद में रकम को अलग-अलग तरीकों से संपत्तियों में बदला गया।

यह पूरा मामला Money Laundering के दायरे में आता है, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय ने कड़ा कदम उठाया है।
जांच आगे भी जारी
ED ने साफ किया है कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




