गढ़वा में अनाज घोटाले से हड़कंप, हजारों क्विंटल राशन गायब, विधानसभा समिति सख्त

Archana Ekka
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Grain Scam Stirs up Garhwa : झारखंड के गढ़वा जिले में सरकारी अनाज वितरण प्रणाली से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है।

मेराल प्रखंड स्थित राज्य खाद्य निगम (SFC) के गोदाम से भारी मात्रा में चावल और गेहूं के गायब होने की बात सामने आने के बाद प्रशासन और राजनीति दोनों में हलचल मच गई है।

शुरुआती जांच में यह मामला गरीबों के हक के Ration से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस कारण इसे बेहद गंभीर माना जा रहा है।

हजारों क्विंटल अनाज की कमी

जानकारी के अनुसार, केतार प्रखंड के SFC गोदाम से लगभग 9,000 क्विंटल चावल और गेहूं गायब पाए गए हैं।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट (Investigation Report) में करीब 9,003 क्विंटल अनाज की कमी दर्ज की गई है। बाजार दर के हिसाब से इस अनाज की अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त के निर्देश पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जांच कराई गई और रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंप दी गई।

जांच के दौरान कई अनियमितताओं की बात सामने आई, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

कानूनी कार्रवाई, आरोपी जेल में

अनाज घोटाले में दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में Computer Operator और गोदाम मैनेजर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

हालांकि, विभागीय सूत्रों का मानना है कि इतना बड़ा घोटाला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के बूते का नहीं हो सकता।

बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

सूत्रों के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि यह अनाज घोटाला लंबे समय से अधिकारियों और गोदाम प्रबंधन की मिलीभगत से चल रहा था।

आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन बाजार में बेच दिया गया। अब तक जिन लोगों को जेल भेजा गया है, उनसे ऊपर के स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।

रिपोर्ट नहीं मिलने पर नाराजगी

विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस पूरे मामले में गढ़वा उपायुक्त से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके लिए कई बार रिमाइंडर भी भेजे गए, लेकिन अब तक जिला स्तर से पूरी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।

High Court में PIL और विधानसभा की सख्ती

इसी बीच इस अनाज घोटाले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की गई है। वहीं, झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

समिति ने 28 जनवरी को होने वाली बैठक में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव को विस्तृत रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

गरीबों के हक का मामला

विधानसभा समिति का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर गरीबों के राशन से जुड़ा है, इसलिए किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।