पौष पूर्णिमा पर संगम में आस्था का महास्नान, ठंड में भी उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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Great Bath of faith at Sangam on Paush Purnima : माघ मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर तीर्थराज प्रयागराज (Teerthraj Prayagraj) स्थित त्रिवेणी संगम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा नदी(The River Ganges), यमुना नदी और अदृश्य सरस्वती नदी की पावन त्रिवेणी में स्नान कर दान-पुण्य कर रहे हैं।

A grand bath of faith at Sangam on Paush Purnima, a flood of devotees gathered even in the cold.

मान्यता है कि पौष पूर्णिमा पितरों की पूर्णिमा (Full Moon) है और इस दिन किया गया स्नान-दान कल्याणकारी फल देता है, इसलिए देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ संगम पहुंचे हैं।

कल्पवास की शुरुआत, मोक्ष और साधना का संकल्प

पौष पूर्णिमा से संगम (Confluence) की रेती पर चलने वाले माघ मेले का शुभारंभ हो गया है। इसी दिन से कल्पवासी पितरों के मोक्ष और कामनाओं की पूर्ति का संकल्प लेकर कल्पवास शुरू करते हैं। माघी पूर्णिमा तक चलने वाले इस पर्व में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं।

A grand bath of faith at Sangam on Paush Purnima, a flood of devotees gathered even in the cold.

 

कल्पवासी संगम तट पर एक माह तक कठिन तप, जप और साधना कर जीवन-मृत्यु के बंधनों से मुक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा की कामना करते हैं।

स्नान, व्रत और दान का विशेष महत्व

पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालु व्रत रखकर स्नान, पूजा-पाठ और दान करते हैं। माना जाता है कि इस दिन अन्न, वस्त्र के साथ कच्चे फल और सब्जियों का दान करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है। इसी विश्वास के साथ संगम तट पर दान-पुण्य का सिलसिला दिनभर चलता रहा।

44 दिनों का महापर्व, करोड़ों श्रद्धालुओं की उम्मीद

संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा से लेकर 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक कुल 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

मेला प्रशासन के मुताबिक पहले स्नान पर्व पर ही 25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं (Devotees) की सुविधा के लिए करीब 8 किलोमीटर लंबा घाट तैयार किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ग्राउंड जीरो पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

सुरक्षा के लिए पुलिस, पीएसी और RPF की तैनाती की गई है, वहीं स्नान घाटों पर NDRF, SDRF, जल पुलिस और गोताखोर मुस्तैद हैं।

मेला क्षेत्र में एआई युक्त CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। UP-ATS के कमांडो भी तैनात हैं।

मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार हर दो घंटे पर स्नानार्थियों के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जबकि Additional Police Commissioner डॉ. अजय पाल शर्मा ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने की बात कही है।

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