Guidelines to Central Observers : आगामी विधानसभा आम चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों के लिए तैनात किए जाने वाले केंद्रीय पर्यवेक्षकों को आयोग ने विशेष रूप से Brief किया है।

इस ब्रीफिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।
“प्रकाश स्तंभ” की भूमिका में पर्यवेक्षक
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों को आयोग का “प्रकाश स्तंभ” माना गया है। उनसे यह उम्मीद की गई है कि वे चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि पर्यवेक्षकों की मौजूदगी से जमीनी स्तर पर चुनावी व्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी और चुनाव मशीनरी अधिक सक्रिय होगी।
मतदाताओं के लिए सुलभ रहें अधिकारी
चुनाव आयुक्त S.S. Sandhu ने कहा कि पर्यवेक्षक अपने क्षेत्र में तैनात चुनाव अधिकारियों के लिए मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

उन्होंने जोर दिया कि पर्यवेक्षक आम मतदाताओं के लिए आसानी से उपलब्ध रहें, ताकि शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके और किसी तरह के पक्षपात की धारणा न बने।
नई दिल्ली में विशेष ब्रीफिंग बैठक
इस उद्देश्य से 5 और 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन (Election Management) संस्थान में ब्रीफिंग बैठकों का आयोजन किया गया।
ये बैठकें तीन बैचों में आयोजित की गईं, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
1,444 अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
इन बैठकों के लिए कुल 1,444 अधिकारियों को बुलाया गया। इनमें 714 सामान्य पर्यवेक्षक, 233 पुलिस पर्यवेक्षक और 497 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं।
इन सभी की तैनाती पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 824 विधानसभा सीटों पर की जाएगी, ताकि हर स्तर पर चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सके।
निर्देशों के सख्त पालन पर जोर
चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने आयोग के निर्देशों का अक्षरश, पालन करने पर बल दिया।
उन्होंने मतदाता सूचना पर्चियों के समय पर वितरण को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मतदान के दिन मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
तकनीक और सुविधाओं पर भी चर्चा
ब्रीफिंग के दौरान IT अनुप्रयोगों, मीडिया प्रबंधन, मतदाता सूची की तैयारी और मतदान केंद्रों पर आश्वासित न्यूनतम सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
आयोग ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय पर्यवेक्षक संविधान और कानून के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में आयोग की “आंख और कान” की तरह काम करेंगे।
इस पूरी तैयारी से साफ है कि आयोग चुनाव प्रक्रिया को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरत रहा है।




