गुमला से जुड़ी हैं CDS बिपिन रात की यादें

परमवीर अलबर्ट एक्का की पत्नी को बिपिन रावत ने दिये थे 51 हजार का चेक

गुमला: राष्ट्र की बलिवेदी पर चढ़ जाने वाले कुछ ऐसे होते हैं, जो अपने आपको इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करा अमर हो जाते हैं। ऐसे ही देश के पहले रक्षा प्रमुख जनरल बिपिन रावत थे।

सर्जिकल स्ट्राइक के महानायक ,शौर्य और साहस का दुसरा नाम बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत अन्य सैन्य अधिकारियों के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से पूरा देश मर्माहत है।

वहीं गुमला जिला के जारी,डुमरी और चैनपुर ब्लॉक में रहने वाले सैनिक परिवार तथा पूर्व सैनिक भी गहरे शोक में डूब गये हैं। 4 जनवरी 2019 का वह ऐतिहासिक दिन जब सीडीएस जनरल रावत अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ परमवीर अलबर्ट एक्का की भूमि चैनपुर में आयोजित “ हमारे वेटरन हमारी शान ” नामक कार्यक्रम में शिरकत की थी।

उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 1971 के भारत-पाक युद्ध के महानायक परमवीर अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का से मुलाकात करना था।

जैसे ही वे चैनपुर पहुंचे,उनका आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार भव्य स्वागत किया गया था। चैनपुर के बरवे हाई स्कूल मैदान में आयोजित “ हमारे वेटरन हमारी शान ” कार्यक्रम में परमवीर अलबर्ट एक्का की पत्नी स्व.बलमदीना एक्का व पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर जनरल बिपिन रावत काफी भावुक हो गये ।

उन्होंने परमवीर अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का समेत 26 वीर नारियों व पूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया । शहीद रावत ने परमवीर अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का को 51 हजार का चेक भी प्रदान किया था।

जनरल बिपिन रावत ने कार्यक्रम में अपना उद्गार व्यक्त करते हुए कहा था कि लांसनायक परमवीर अलबर्ट एक्का के कारण गुमला के चैनपुर का भी नाम हो रहा है। आज वे इस भूमि को वीर भूमि का दर्जा दे रहे हैं। इस वीर भूमि पर पूरे देश को गर्व है।

मैं यकीन दिलाता हूं इस क्षेत्र के जितने भी जवान हैं वे बहादुरी से ड्यूटी करें और दृढ़ निश्चय से काम करें। निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होगी।

श्री रावत ने कहा कि वीर पुत्र अल्बर्ट एक्का ने कम उम्र में अदम्य साहस दिखाया और पाकिस्तान की हार का कारण बने । उनके बदौलत ही उस युद्ध में भारत को जीत मिली थी। सेना प्रमुख ने कहा कि मुझे उनकी धर्मपत्नी पर गर्व है । उनके परिवार के लोग गौरवान्वित महसूस करें।

खासकर गुमला वासियों के लिए गर्व की बात है कि इस धरती ने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया जिसने पूरे भारत वर्ष में नाम कमाया। उन्होंने कहा था कि झारखंड वीरों की भूमि है ।

झारखंड के हर एक गांव में सैनिक पैदा होते हैं । उन्होंने चैनपुर को वीरभूमि बताया। जो जवान अपने जीवन का अधिकतम समय भारतीय सेना में देते हैं, वे भारतीय सेना का नाम बढ़ा रहे हैं ।

मुझे उम्मीद है कि आप अपने क्षेत्र में उदाहरण बनेंगे । सेना में कार्यरत जवानों का अनुशासन व हौसला से युवा प्रेरित व प्रोत्साहित हैं । इस क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा जवान भारतीय सेना में भर्ती हैं ।

सेना बहादुरी दिखाने का अच्छा अवसर देती है । मुझे खुशी है कि आप लोगों ने पूरे अनुशासन के साथ यहां कार्यक्रम को सफल बनाने में मदद की है।

चैनपुर के ग्रामीणों व पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेना के सबसे बड़े अधिकारी जनरल बिपिन रावत का चैनपुर आगमन पूरे गुमला जिला वासियों के लिए यादगार व ऐतिहासिक पल रहा है। उनका इस तरह अचानक चला जाना पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

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