रांची : रांची से एक अहम कानूनी खबर सामने आई है। झारखंड हाईकोर्ट ने एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामले में सजा पाए सूरज बनरा उर्फ करिया को जमानत दे दी है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि मामले की जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया में कई गंभीर कमियां रह गई थीं। इन्हीं आधारों पर अदालत ने राहत देते हुए जमानत मंजूर की।
दस्तावेजों में मिली खामियां
न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि बरामदगी सूची पर आरोपी के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा नकद राशि की जब्ती सूची में भी जरूरी हस्ताक्षर का अभाव पाया गया। इतना ही नहीं, आर्म्स एक्ट के तहत आवश्यक स्वीकृति आदेश (सैंक्शन ऑर्डर) को ट्रायल कोर्ट में प्रदर्शित नहीं किया गया था। कोर्ट ने इन चूकों को गंभीर माना।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा
इससे पहले पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) की निचली अदालत ने एनडीपीएस केस संख्या 06/2023 में सूरज बनरा को दोषी करार दिया था। उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii)(A) के तहत एक वर्ष और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a) के तहत चार वर्ष की सजा सुनाई गई थी। साथ ही दोनों मामलों में जुर्माना भी लगाया गया था।
बचाव पक्ष की दलील पर मिला लाभ
आरोपी की ओर से सजा निलंबन और जमानत के लिए अपील दायर की गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है। करीब 18 महीने से हिरासत में बंद आरोपी को अदालत ने इन तथ्यों को देखते हुए जमानत दे दी।




