High Court Strict on Not Getting Retirement Benefits: मधुपुर (देवघर) नगर परिषद के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं होने के मामले में Jharkhand High Court ने कड़ा रुख अपनाया है।
इस मामले की सुनवाई सोमवार को हुई, जिसमें कोर्ट ने नगर विकास सचिव को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामला अवमानना याचिका से जुड़ा है, जिसे मृतक कर्मचारी के पुत्रों ने पेश किया है।

कई साल से अटका है भुगतान
जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी मधुपुर नगर परिषद में Tax Collector के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें मिलने वाले लाभ का भुगतान अब तक नहीं हो सका।
वर्ष 2020 में कर्मचारी का निधन भी हो गया, लेकिन इसके बावजूद उनके परिजनों को उनका हक नहीं मिल पाया। इसी को लेकर परिजनों ने High Court का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान High Court की खंडपीठ ने सवाल उठाया कि यदि मधुपुर नगर परिषद सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान करने में असमर्थ है, तो क्या नगर विकास विभाग इस भुगतान की जिम्मेदारी ले सकता है।
कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि इतने वर्षों तक भुगतान क्यों नहीं किया गया और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई।

याचिकाकर्ता की दलील
मृतक कर्मचारी के पुत्रों की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर परिषद पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।
इसके बावजूद नगर विकास विभाग की ओर से राशि आवंटन की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। याचिकाकर्ता पक्ष ने इसे कोर्ट के आदेशों की अवहेलना बताया।
प्रशासन से मांगा जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए High Court ने नगर विकास सचिव को तलब किया है।
कोर्ट का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि उन सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्हें समय पर उनका हक नहीं मिल पाता।
उम्मीद की किरण
परिजनों को उम्मीद है कि High Court के सख्त रुख के बाद अब उन्हें न्याय मिलेगा और वर्षों से लंबित सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान जल्द होगा। मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।




