शादी सामारोह में कोरोना वायरस की अनदेखी से बढ़े केस, सरकार की मुश्किलें बढ़ी

नई दिल्ली: शादी सामारोह में कोरोना दिशानिर्देशों की अनदेखी भारी पड़ गई और मामलों में तेजी वृद्धि ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है।

हाल के दिनों में देश के कुछ राज्यों में कोरोना के केस में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। केस बढ़ने के पीछे की वजह जानने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन राज्यों में अलग से केंद्रीय टीमें भेजी।

राज्यों से मिली प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि शादियों की वजह से कोरोना के मामले सबसे ज्यादा बढ़े हैं। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि यह एक बड़ी परेशानी वाली बात है।

इसमें आम लोगों को सजग होना पड़ेगा। जो केस बढ़ रहे हैं इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है।

डॉ. पॉल ने बताया कि देश के कई राज्यों में शादियों के समय लोगों का काफी जमावड़ा हुआ। जिन राज्यों में कोविड के प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं किया गया वहां यह देखा गया है कि कोरोना के केस बड़ी तेजी से बढ़ें हैं।

इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि लोग शादियों में इकठ्ठा हुए और एक साथ भोजन किया और भीड़ में शामिल हुए जिससे कि कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ीं। यही वजह रही कि कोरोना के केस बढ़े।

डॉ. वीके पॉल ने कहा कि शादियों के समय खासकर फूड काउंटर पर लोगों ने मास्क उतारकर खाना खाया। ऐसी जगहों पर संक्रमण फैलने का माकूल माहौल बना।

यही वजह है इन जगहों पर काफी तेजी से कोरोना का संक्रमण फैला जिसका परिणाम हम सबके सामने है। कुछ राज्यों में स्थानीय चुनावों की वजह से संक्रमण काफी तेजी से फैला।

गुजरात और पंजाब सबसे प्रमुख है। डॉ. पॉल ने कहा कि जिन राज्यों में स्थानीय चुनाव थे वहां काफी भीड़ स्थानीय स्तर पर देखी गई।

इन जगहों पर कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं किया गया जिसकी वजह से पंजाब और गुजरात में बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज पाए गए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, छत्तीसगढ, पंजाब, मध्यप्रदेश राज्यों में फरवरी में काफी तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

इन्हीं राज्यों में केंद्रीय टीम भेजी गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सितंबर में 92,071 रोज़ मामले सामने आने लगे, लेकिन फिर गिरावट देखने को मिली।

दिसंबर में 18732 मामले फिर फरवरी की शुरुआत में रोजाना 8635 तक केस आये लेकिन अब 12286 मामले आये हैं। यानी केस में बढ़ोतरी हो रही है।

केरल में बीते दो हफ्ते में औसत मामले 3814, महाराष्ट्र में 6479, तमिलनाडु में 460, पंजाब 434, कर्नाटक 422 सामने आए।

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