Major Action by Income Tax Department : आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने रांची में चावल व्यापार से जुड़े कारोबारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है।
इस छापेमारी (Raid) के दौरान कुल 4.50 करोड़ रुपये की नकद राशि जब्त की गई है। कार्रवाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और जांच से जुड़े कई काम अब भी जारी हैं।

29 जनवरी से शुरू हुई छापेमारी
आयकर विभाग ने 29 जनवरी को चावल व्यापारियों के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। यह कार्रवाई लगातार तीसरे दिन यानी 31 जनवरी तक चलती रही।
विभाग की Team ने इन ठिकानों पर मौजूद नकदी, दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की गहन जांच की।
नकद राशि की जांच के बाद जब्ती
छापेमारी के दौरान मिली नकद राशि को लेकर संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। पैसों के स्रोत और जवाबों की जांच के बाद कुल 4.50 करोड़ रुपये जब्त किए गए। इसमें से करीब 2 करोड़ रुपये बाबा ग्रुप से जुड़े आढ़तियों के ठिकानों से मिले हैं।
अन्य कारोबार से भी मिली बड़ी रकम
बची हुई 2.50 करोड़ रुपये की राशि बाबा एग्रो फूड और Baba Food Processing से जुड़े लोगों के ठिकानों से बरामद की गई है। विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह पैसा किस तरह के लेन-देन से जुड़ा है।

कच्चे व्यापार के दस्तावेजों की जांच
छापेमारी के दौरान कच्चे व्यापार से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं। इन कागजातों की जांच अभी चल रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कच्चे दस्तावेजों के जरिए कितने का व्यापार किया गया था। दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
अचल संपत्तियों का भी हो रहा मूल्यांकन
इस कार्रवाई के दायरे में बाबा ग्रुप की फैक्ट्री, मकान और जमीन सहित कुल 10 अचल संपत्तियां भी शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों के मूल्यांकन का काम अभी जारी है।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
29 जनवरी से शुरू हुई यह छापेमारी फिलहाल पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जांच आगे भी चल सकती है।
छात्र नजरिए से
एक छात्र के तौर पर देखा जाए तो यह खबर हमें यह समझाती है कि सरकारी विभाग वित्तीय लेन-देन पर लगातार नजर रखते हैं। नियमों का पालन न करने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है, जिससे पारदर्शिता बनाए रखने का संदेश मिलता है।




