इजरायल में नेतन्याहू के जाने पर खुश ईरान, क्या बोले मुस्लिम देश?

तेहरान: नेफ्टाली बेंजामिन के इजरायल के प्रधानमंत्री बनने पर कई अरब देशों ने स्वागत किया है, वहीं कुछ देशों का कहना है कि बहुत फर्क नहीं पड़ेगा। ईरान ने इजरायल में बेंजामिन नेतन्याहू की विदाई होने पर खुशी जताई है।

ईरान के विदेश मंत्री जावद जरीफ ने कहा कि नेतन्याहू के जाने के बाद उनके उत्तराधिकारियों को इससे सबक लेना चाहिए।

ईरान के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ईरान के दुश्मन चले गए लेकिन ताकतवर ईरान अब भी मौजूद है। हालांकि, नई सरकार आने के बाद इजरायल की राजनीति बहुत बदलने की उम्मीद नहीं की जा सकती है।

संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने नई इजरायली सरकार का स्वागत किया। यूएई और बहरीन के इस रुख से साफ है कि ट्रंप प्रशासन की अगुवाई में पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुए समझौते पर ये मुस्लिम देश आगे बढ़ना जारी रखेंगे।

अमीराती विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद ने इजरायल के नए विदेश मंत्री यायर लैपिड के साथ आपसी सहयोग और अब्राहम समझौते पर चर्चा की।

यूएई के विदेश मंत्री ने इजरायल के अपने नए समकक्ष यासिर लैपिड को बधाई दी। लैपिड ने भी यूएई के विदेश मंत्री से बातचीत कर खुशी जाहिर की।

यायर लैपिड ने कहा, मुझे संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री से बात करने में बहुत खुशी हुई और मैं अपने लोगों और पूरे मध्य पूर्व के फायदे लिए दोनों देशों के बीच मधुर और अद्वितीय संबंधों को आगे ले जाने के लिए उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हूं।

इससे पहले, बहरीन के क्राउन प्रिंस सलमान बिन हमद बिन ईसा अल खलीफा ने एक नई सरकार के गठन पर प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट और लैपिड को बधाई देते हुए एक बयान जारी किया।

बहरीन के क्राउन प्रिंस ने उम्मीद जाहिर की कि नवगठित सरकार क्षेत्र और दुनिया में विकास, स्थिरता और शांति को आगे बढ़ाएगी। इजरायल में नई सरकार के गठन पर फिलिस्तीनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

नेफ्टाली बेनेट के इजरायल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, फिलिस्तीनी पीएम मोहम्मद शतयेह ने कहा कि नेतन्याहू का शासन इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष के इतिहास में सबसे खराब दौर था।

शतयेह ने कहा कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण नए प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट द्वारा इजरायली बस्तियों के समर्थन की निंदा करता है।

शतयेह ने कहा, अगर नई सरकार फिलिस्तीनी लोगों के भविष्य और उनके वैध अधिकारों को ध्यान में नहीं रखती है तो उसका कोई भविष्य नहीं है।

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