Iran-US Tensions Deepen: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कतर के एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर America की सुरक्षा बलों ने ईरान पर कोई हमला किया, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगा।

अमेरिकी ठिकानों पर सीधे हमले की बात
अब्बास अराघची ने कहा कि Iran Middle East में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सीधे निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की ओर से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई को उन देशों के खिलाफ हमला नहीं माना जाना चाहिए, जहां American बेस मौजूद हैं।
उनका कहना था कि ईरान अमेरिकी जमीन पर हमला नहीं कर सकता, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
पुराने हमलों का हवाला
ईरानी विदेश मंत्री ने जून 2025 की घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि उस समय अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी।
इसके जवाब में ईरान ने कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया था। अराघची ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने दोबारा ऐसी कार्रवाई की, तो ईरान भी अमेरिकी ठिकानों को निशाने पर लेगा।

पड़ोसी देशों को नुकसान न होने का दावा
Iran ने यह भी कहा कि उसकी किसी भी जवाबी कार्रवाई से पड़ोसी देशों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। बयान में यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईरान का निशाना सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकाने होंगे, न कि आम नागरिक या अन्य देश।
परमाणु समझौते पर बातचीत जारी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में परमाणु मुद्दे (Nuclear issues) को लेकर बातचीत चल रही है।
हालांकि दोनों पक्ष बातचीत को सकारात्मक बनाए रखने पर सहमत हैं, लेकिन अगली बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
अमेरिका लगातार ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने की मांग करता रहा है, जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताते हुए अंतरराष्ट्रीय मान्यता चाहता है।




