भारत में किसी युवा मुस्लिम नेता के लिए पीएम बनने का सपना देखना मुश्किल

नई दिल्ली: राज्यसभा से हाल ही में रिटायर होने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि किसी युवा मुस्लिम नेता के लिए पीएम बनने का सपना देखना मुश्किल है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं निकट भविष्य की ही बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि आने वाले कुछ दशकों तक ऐसी ही स्थिति रह सकती है।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि किसी युवा मुस्लिम नेता के लिए ऐसी महत्वाकांक्षा रखना मुश्किल है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को राज्यसभा में अपने विदाई भाषण में गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि उन्हें अपने भारतीय मुसलमान होने पर गर्व है।

उन्होंने यह भी कहा था कि वह ऐसे कुछ खुशनसीब नेताओं में हैं, जो कभी पाकिस्तान नहीं गए।

उन्होंने कहा था कि मैं जब पाकिस्तान के बारे में खबरें पढ़ता हूं तो हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व होता है।

किसी मुस्लिम नेता के पीएम बनने की महत्वाकांक्षा को मुश्किल बताने वाले गुलाम नबी आजाद ने 2018 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में एक कार्यक्रम में कहा था कि उनकी ही पार्टी के हिंदू नेता अब उन्हें प्रचार में बुलाने से हिचकते हैं।

गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि कांग्रेस के ऐसे बहुत कम हिंदू प्रत्याशी हैं, जो उन्हें प्रचार के लिए बुलाना चाहते हैं।

 उन्होंने कहा था कि मुझे चुनाव प्रचार के लिए बुलाने वाले हिंदू प्रत्याशियों की संख्या में तेजी से कमी आई है।

उन्होंने कहा था कि इसकी वजह यह है कि लोगों को लगता है कि मेरे जाने से उनके समर्थन में कमी आ जाएगी।

पहले 99 फीसदी हिंदू प्रत्याशी मुझे मुस्लिम वोटों को पाने के मकसद से चुनाव प्रचार में बुलाते थे।

अब यह आंकड़ा 40 फीसदी ही रह गया है क्योंकि उन्हें मेरे जाने से हिंदू वोटों के खोने का डर लगा रहता है।

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