पारा शिक्षकों के भविष्य पर आज होगा फैसला, शिक्षा मंत्री इस प्रस्ताव पर करेंगे अंतिम रूप से चर्चा

सब कुछ अच्छा रहा तो प्रस्ताव को वित्त और विधि विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

रांची: समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य में कार्यरत करीब 65 हजार पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान पर आज कोई फैसला होने की संभावना है।

बता दें कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने आठ नवंबर यानी आज विभागीय मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमिटी की बैठक बुलायी है। इसमें प्रस्तावित सेवा शर्त नियमावली पर फैसला लिया जायेगा।

बैठक आज शाम 4 बजे होगी। इसमें विकास आयुक्त, वित्त सचिव, कार्मिक सचिव, शिक्षा सचिव आदि इस बैठक में शामिल होंगे।

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने किया स्पष्ट

बताते चलें कि बिहार की तर्ज पर दिया जाने वाला वेतनमान में तीन दक्षता परीक्षा में पास नहीं करने वाले पारा शिक्षकों को सेवा से हटाया जाएगा।

पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली में इसके प्रावधान किए गए हैं। हालांकि पारा शिक्षक दक्षता परीक्षा में फेल होने वाले पारा शिक्षकों को सेवा से नहीं हटाते हुए उन्हें दिया जा रहा मानदेय ही देने की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने पिछले महीने ही स्पष्ट कर दिया है कि जब बिहार की तर्ज पर प्रावधान लागू किए जा रहे हैं तो सभी तरह से लागू होंगे। यहां बता दें कि राज्य में करीब 11000 पारा शिक्षक ही टेट पास हैं, जबकि 50,000 सिर्फ प्रशिक्षित हैं और 3000 अप्रशिक्षित हैं।

पारा शिक्षकों को अलग-अलग मिलेंगे ग्रेड पे

झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास और दक्षता परीक्षा पास करने वाले पारा शिक्षकों को वेतनमान तो सामान मिलेगा, लेकिन ग्रेड पे अलग-अलग मिलेंगे। वैसे पारा शिक्षक जो दक्षता परीक्षा पास करेंगे उन्हें 5200 से 20200 का वेतनमान और 2000 का ग्रेड पे मिलेगा।

वहीं, टेट पास पारा शिक्षकों को 5200 से 20200 का वेतनमान और 2400 से 2800 का ग्रेड पे मिलेगा। इसमें पहली से पांचवी के टेट पास पारा शिक्षकों को 2400 और छठी से आठवीं के पारा शिक्षकों को 2800 ग्रेड पे मिलेगा।

स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने चर्चा भी की है। सोमवार को विकास आयुक्त, वित्त विभाग के सचिव समेत विभाग के आला अधिकारियों के साथ अंतिम रूप से चर्चा करेंगे।

इसके बाद इस प्रस्ताव को वित्त और विधि विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि मोर्चा ने विभाग को नियमावली पर 14 नवंबर तक फैसला लेने का अल्टीमेटम दे रखा है। अगर 14 नवंबर तक सरकार फैसला नहीं लेती है, तो 15 नवंबर से पारा शिक्षक आंदोलन शुरू करेंगे।

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