झारखंड सरकार ने जगन्नाथ रथ यात्रा निकाले जाने को लेकर लिया फैसला

पिछले साल की ही तरह कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए विधि-विधान अपनाया जायेगा

रांची: झारखंड सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर इस साल भी रथयात्रा नहीं निकाले जाने का फैसला किया है। मंदिर समिति को इसकी सूचना दे दी गई है।

भगवान जगन्नाथ नेत्रदान अनुष्ठान आज है लेकिन इसमें भी भक्तों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। कोरोना के कारण पिछले साल भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा नहीं निकली थी।

उल्लेखनीय है कि जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति धुर्वा के कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार कटारिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका देकर रथयात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी।

हाईकोर्ट ने कहा था कि मौजूदा स्थिति में राज्य सरकार खुद निर्णय लें। साथ ही कहा था कि यदि सरकार रथयात्रा निकालने की अनुमति देती है तो सुप्रीम कोर्ट से जारी निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

मंदिर समिति के अनुसार रथयात्रा की अनुमति नहीं मिलने के बाद अब पिछले साल की ही तरह कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए विधि-विधान अपनाया जायेगा।

कल यानी 12 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की रथयात्रा मौसीबाड़ी नहीं जायेगी।

भगवान को मंदिर के बाहर लाकर विराजमान किया जायेगा। पूजा-अर्चना के बाद 108 बार आरती होगी। फूल-प्रसाद वितरण के बाद भगवान को फिर मंदिर के अंदर ले जाया जायेगा।

जगन्नाथ रथ यात्रा का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व होता है। इस रथयात्रा का आयोजन उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाती है।

इस यात्रा में भक्तों का तांता लग जाता है लेकिन इस बार भी कोरोना वायरस की वजह से भक्तों को इस यात्रा में शामिल होने का अवसर नहीं मिल जायेगा।

इस साल 12 जुलाई से रथ यात्रा शुरू हो जाएगी और देवशयनी एकादशी यानी 20 जुलाई को समाप्त होगी।

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