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झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत शर्तों में किया बदलाव, इलाज के लिए विदेश जाने की मिली अनुमति

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Jharkhand High Court Changes bail Conditions: झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह की पत्नी से जुड़े एक मामले में जमानत की शर्तों में अहम संशोधन किया है।

अदालत ने उनके पासपोर्ट को वापस सौंपने का निर्देश देते हुए इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति प्रदान की है।

हालांकि Court ने यह भी साफ किया कि विदेश जाने से पहले संबंधित अदालत से अनुमति लेना अनिवार्य होगा और तय शर्तों का पालन करना होगा।

इलाज के लिए मांगी थी विदेश यात्रा की अनुमति

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वह गंभीर और जानलेवा लिवर रोग से पीड़ित हैं।

उनका कहना था कि भारत के बाहर, खासकर अमेरिका या यूनाइटेड किंगडम में इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि उनके करीबी रिश्तेदार इन देशों में रहते हैं, जिससे इलाज के दौरान सहयोग मिल सकेगा।

कोर्ट ने क्या कहा

High Court ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मूल अधिकार का हिस्सा है।

हालांकि इस अधिकार के साथ कुछ शर्तें भी जरूरी हैं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। कोर्ट ने निर्देश दिया कि हर विदेश यात्रा से पहले याचिकाकर्ता को संबंधित अदालत से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

इसके साथ ही यात्रा की अवधि और भारत लौटने की तिथि बताते हुए लिखित Undertaking भी दाखिल करनी होगी। विदेश से लौटने के बाद अदालत को इसकी जानकारी देना भी अनिवार्य होगा।

CBI ने किया था विरोध

मामले की सुनवाई के दौरान CBI ने याचिका का विरोध किया। CBI का कहना था कि याचिकाकर्ता एक गंभीर आर्थिक अपराध के मामले में आरोपी हैं और जमानत देते समय विदेश यात्रा पर रोक की शर्त लगाई गई थी।

एजेंसी ने आशंका जताई कि विदेश जाने से Trial प्रभावित हो सकता है।

अदालत का आकलन

कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता वर्ष 2014 से लगातार ट्रायल में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने अब तक जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है।

कोर्ट ने यह भी देखा कि 100 से अधिक गवाहों में से केवल 46 के बयान ही अब तक दर्ज हो पाए हैं और ट्रायल में देरी के लिए याचिकाकर्ता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

पहले से मिली थी नियमित जमानत

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को पहले ही नियमित जमानत मिल चुकी है।

वर्तमान याचिका केवल उस शर्त को हटाने से संबंधित थी, जिसमें उन्हें विदेश जाने से रोका गया था और पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया गया था।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए High Court ने जमानत की शर्तों में संशोधन करते हुए सीमित शर्तों के साथ विदेश यात्रा की अनुमति दे दी।

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