Jharkhand News: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र जुलाई 2025 के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, सत्र 27 जुलाई से शुरू होकर 2 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 6 कार्यदिवस होंगे। यह सत्र हेमंत सोरेन सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह पांचवीं विधानसभा का अंतिम सत्र हो सकता है, जिसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।
सत्र की तैयारियां
सूत्रों के अनुसार, सत्र के दौरान हेमंत सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। साथ ही, आदिवासी भूमि, साइबर अपराध, और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विधेयक और चर्चा की उम्मीद है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सभी दलों से सत्र को सुचारु रूप से चलाने की अपील की है, ताकि जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक बहस हो सके।
विपक्ष की रणनीति
विपक्षी दल, खासकर भाजपा, इस सत्र में सरकार को भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था में गिरावट, और सांठाल परगना में जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सांठाल परगना में आदिवासी आबादी 44.67% से घटकर 28% हो गई है, जबकि मुस्लिम आबादी 9.44% से बढ़कर 22.73% हो गई है, जिसे वे वोट बैंक की राजनीति का परिणाम मानते हैं। भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने सरकार पर पांच लाख नौकरियां और बेरोजगारी भत्ता देने जैसे वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया है।
मानसून सत्र की तैयारियों के बीच झारखंड में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट पर है। यह स्थिति सत्र में जल प्रबंधन और आपदा राहत जैसे मुद्दों को भी केंद्र में ला सकती है।