Palamu News: पलामू लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के सतबरवा, बोहिता तीन मुहान के पास जंगल में बुधवार को एक पुलिस जवान का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान विजय उरांव (37) के रूप में हुई, जो पलामू के सदर थाना क्षेत्र, चियांकी पुराना टोला के निवासी थे।
विजय मुसाबनी के CTC (काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वारफेयर कॉलेज) में हवलदार के पद पर प्रशिक्षणरत थे और देवघर श्रावणी मेला ड्यूटी के बाद से लापता थे।
क्या हुआ उस दिन?
पुलिस के मुताबिक, विजय की गला दबाकर और पत्थर से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या की गई। घटनास्थल से खून से सना पत्थर, पांच डिस्पोजल गिलास, तीन एक-लीटर पानी की बोतलें, एक मेमोरी कार्ड, और चप्पल बरामद हुए, जिससे आशंका है कि हत्यारों ने वारदात से पहले मौके पर समय बिताया।
शव की हालत ऐसी थी कि तत्काल पहचान नहीं हो पाई, लेकिन बाद में परिजनों ने विजय के रूप में उसकी शिनाख्त की।
सुनसान जंगल में कैसे पहुंचे विजय?
विजय की पत्नी ने बताया कि श्रावणी मेला ड्यूटी के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो रहा था। वह पति की खोज में CTC मुसाबनी गईं और पलामू पुलिस के वरीय अधिकारियों से भी मिलीं। लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय ने पुष्टि की कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रांची के रिम्स भेजा गया है।
परिजनों के बयान के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। पुलिस विभिन्न एंगल्स, जैसे व्यक्तिगत रंजिश या ड्यूटी के दौरान विवाद, की जांच कर रही है।
विजय के पिता स्व. कुलदीप उरांव भी पुलिस जवान थे, और उनकी मृत्यु के बाद विजय को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश उरांव के अनुसार, विजय बुधवार को घर से निकले थे, लेकिन यह जांच का विषय है कि वह सतबरवा के सुनसान जंगल में कैसे पहुंचे।
SDPO मनोज कुमार झा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारों की गिरफ्तारी और हत्या के कारणों का खुलासा होगा। घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है, और ग्रामीणों में इस क्रूर हत्याकांड को लेकर आक्रोश है।