झारखंड में ट्रेन हादसा : नदी में जा गिरा इंजन, ट्रेन में करीब 200 यात्री थे सवार, रिलीफ कार्य जारी

रांची: झारखंड में बुधवार की रात बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। हटिया राउरकेला पैसेंजर ट्रेन दुर्घटना का शिकार होते-होते बच गई।

यहां हटिया से राउरकेला जा रही पैसेंजर ट्रेन का इंजन सिमडेगा के पास कनरोंवा स्टेशन के दक्षिण केबिन के पोल संख्या 526 के पास ये हादसा हुआ है।

पटरियों से उतरने के बाद अनियंत्रित हुआ इंजन बोगियों से अलग होकर पोल संख्या 526 के पास स्लिप साइडिंग तोड़ते हुए देव नदी तक पहुंच गई।

संयोग से बोगियां इंजन से अलग होने के बाद भी पलटी नहीं और न ही एक दूसरे पर चढ़ीं। घटना के समय ट्रेन में करीब 200 यात्री सवार थे।

बताया जा रहा है कि केबिन मैन की गलती से ट्रेन दूसरे ट्रैक पर चली गई और अनियंत्रित होकर स्लिप साइड को तोड़ते हुए ट्रेन का इंजन देव नदी में तक उतर गया, जबकि ट्रेन की बाकी डिब्बे सुरक्षित रहे। हालांकि नदी में पानी नहीं है।

झारखंड में ट्रेन हादसा : नदी में जा गिरा इंजन, ट्रेन में करीब 200 यात्री थे सवार, रिलीफ कार्य जारी

इसी दौरान साउथ केबिन देवनदी के समीप ट्रेन पटरी से उतर गई और इंजन बोगियों से अलग हो गया।

बोगियों के अपनी जगह पर रुक जाने से उसमें सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए।

डीआरएम नीरज अम्बस्ट ने बताया कि लोको पायलट और गार्ड ठीक है कोई हताहत नहीं हुआ है। अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं, रिलीफ कार्य जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य शुरू किया।

यात्रियों के अनुसार कनरोवां स्टेशन के आगे ट्रेन के झटका खाने की जोरदार आवाज आई और इंजन का हिस्सा नदी की ओर बढ़ गया।

थोड़ी देर के लिए ट्रेन में अफरा तफरी मच गई। किसी तरह झटका खाकर ट्रेन रुकी तो लोगों की जान में जान आई। स्पीड कम होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।

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हटिया-राउरकेला पैसेंजर ट्रेन बुधवार रात 8:12 बजे सिमडेगा के कनरवा स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हाे गई।

घटना की जांच का आदेश दे दिया गया हैं। डीआरएम नीरज अंबष्ठ ने बताया कि यह ट्रेन बुधवार शाम 4:40 बजे राउरकेला के लिए चली थी।

यात्रियों ने बताया कि अगर इंजन बोगी से अलग नहीं होता तो बड़ी दुर्घटना घट जाती।

देर रात तक सभी यात्रियों को बस के माध्यम से राऊरकेला भेजने की व्यवस्था की जा रही थी। ट्रेन में सवार सभी 200 यात्री सुरक्षित हैं।

यहां हुई चूक

01- रेलकर्मियाें के मुताबिक प्वाइंट्समैन ने प्वाइंट काे लूप लाइन में जाेड़ दिया।

02- गलत लाइन पर डालने के बाद सिग्नलिंग विभाग ने हरा सिग्नल दे दिया।

03- स्टेशन मास्कर ने भी इस अाेर ध्यान नहीं दिया, जाे बड़ी लापरवाही साबित हुई।

04- पायलट,काे-पायलट ने गलत लाइन पर जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया। 700 मीटर जाने पर गलती का अहसास हुआ। तब तक देर हाे चुकी थी।

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