Jharkhand’s Coal Belt is Rife with Crime : झारखंड के कोयलांचल इलाके में संगठित आपराधिक गिरोहों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है।
कोयला कारोबार (Coal Business) से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर गोलीबारी, आगजनी और रंगदारी की घटनाएं सामने आ रही हैं।

इन घटनाओं से न सिर्फ व्यापारी बल्कि आम लोग भी डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। कोयला कंपनियों का कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जनवरी 2026 में हुई गंभीर घटनाएं
30 जनवरी 2026 को चतरा के राजधर साइडिंग में जेसीबी पर अपराधियों ने Firing की और उसे आग लगाने की कोशिश की।
इससे पहले 25 जनवरी 2026 को चतरा के आम्रपाली कोयला परियोजना में कोयला खनन कार्य में लगे एक वाहन को अपराधियों ने आग के हवाले कर दिया। यह वाहन एक Construction Company द्वारा संचालित किया जा रहा था।
रंगदारी की मांग और धमकी
10 जनवरी 2026 को धनबाद में एक अपराधी गिरोह के सरगना ने कोयला कारोबारी को मैसेज और Audio भेजकर एक करोड़ रुपये और हर महीने पांच लाख रुपये रंगदारी की मांग की। इस तरह की धमकियों से कारोबारियों में भारी डर है।

दहशत फैलाने के लिए फायरिंग
इन आपराधिक गिरोहों द्वारा कई बार बिना किसी कारण के भी गोलीबारी की जाती है, ताकि इलाके में दहशत बनी रहे।
कोयला व्यापार से जुड़े लोग अगर इन गिरोहों की बात नहीं मानते, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। कई मामलों में हत्या तक की जा चुकी है।
परिवहन और उत्पादन पर असर
गोलीबारी और धमकियों के बाद कई दिनों तक कोयले की सड़क और रेल ढुलाई प्रभावित रहती है। इसका सीधा नुकसान कोयला कंपनियों को उठाना पड़ता है।
हाल ही में धमकियों के कारण कुछ पावर प्लांटों के लिए कोयले की आपूर्ति भी कई दिनों तक बंद रही।
सक्रिय आपराधिक गिरोह
कोयला क्षेत्र में कई संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जो अलग-अलग जिलों में अपना प्रभाव रखते हैं।
ये गिरोह कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और कंपनियों को निशाना बनाते हैं। इनके कारण रांची, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, धनबाद, लातेहार और पलामू जैसे जिले प्रभावित हो रहे हैं।
बीते वर्षों की घटनाएं
पिछले कुछ वर्षों में भी कोयला कारोबारियों पर फायरिंग और हत्या की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अलग-अलग जिलों में व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और परियोजना से जुड़े लोगों को गोली मारी गई, जिससे यह साफ होता है कि समस्या पुरानी और गंभीर है।
सख्त कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही इन घटनाओं से यह जरूरी हो गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए। कोयला क्षेत्र में शांति बहाल करने और कारोबारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो रही है।




