Major Changes in the Career rules of IPS Officers : केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Home Ministry) ने IPS अधिकारियों के करियर और पदोन्नति से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
इस संबंध में मंत्रालय ने 28 जनवरी को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है।

पत्र में साफ किया गया है कि वर्ष 2011 बैच और उसके बाद के सभी IPS अधिकारियों पर यह नया नियम लागू होगा। इस फैसले का सीधा असर अफसरों की पदोन्नति और उनकी कार्ययोजना पर पड़ेगा।
IG बनने के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जरूरी
नए नियम के अनुसार, किसी भी IPS अधिकारी को केंद्र सरकार में IG या उसके समकक्ष पद पर नियुक्त होने के लिए कम से कम दो साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का अनुभव होना अनिवार्य होगा।
यह अनुभव SP या DIG रैंक पर केंद्र सरकार के साथ काम करने से माना जाएगा। बिना इस अनुभव के अब अधिकारी IG पद के लिए पात्र नहीं होंगे।
राज्यों को बदलनी होगी नाम भेजने की रणनीति
अब तक राज्य सरकारें DG और ADG पदों के लिए तो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के नाम भेजती थीं, लेकिन SP और IG स्तर के पदों के लिए पर्याप्त नाम नहीं भेजे जाते थे।

नए नियम के बाद राज्यों को अपनी रणनीति बदलनी होगी, ताकि योग्य अधिकारियों को समय रहते केंद्र भेजा जा सके।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर पुराना विवाद
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच पहले से विवाद रहा है। वर्ष 2021 में भी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने प्रस्ताव रखा था कि केंद्र राज्यों की सहमति के बिना भी अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर बुला सके।
हालांकि राज्यों के विरोध के कारण वह प्रस्ताव लागू नहीं हो सका। फिलहाल किसी भी अधिकारी को केंद्र भेजने के लिए उसकी सहमति और राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी है।
केंद्र में कई पद अब भी खाली
दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार में SP स्तर के 229 स्वीकृत पदों में से 104 पद खाली हैं। वहीं डीआईजी स्तर पर 256 स्वीकृत पदों में से 69 पद रिक्त पड़े हैं।
मंत्रालय का मानना है कि नए नियम से इन पदों को भरने में मदद मिलेगी।
2011 बैच के बाद अफसरों पर ज्यादा असर
इस आदेश के बाद खासकर 2011 और उसके बाद के बैच के IPS अधिकारियों को अपनी करियर योजना नए सिरे से बनानी होगी।
जो अधिकारी अब तक केवल अपने कैडर राज्य में ही सेवा देना चाहते थे, उन्हें भविष्य में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति स्वीकार करनी पड़ सकती है।
करियर की शुरुआत में ही लेना होगा फैसला
यदि कोई अधिकारी भविष्य में केंद्र में IG, ADG या DG जैसे पदों पर काम करना चाहता है, तो उसे अपने करियर के शुरुआती दौर में ही केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति लेनी होगी।




