PM Could Not Have Speech : नई दिल्ली में गुरुवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी।
प्रधानमंत्री Narendra Modi इस चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन उनकी स्पीच से पहले ही धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया। सदन में लगातार हंगामे के कारण यह स्थिति बनी।

कल शाम का समय भी तय था
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री बुधवार 4 फरवरी को भी सदन में चर्चा का जवाब देने के लिए मौजूद थे।
उस दिन शाम 5 बजे का समय तय किया गया था, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे और हंगामे के कारण उनका भाषण टाल दिया गया। उस वक्त भी उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले दिन पीएम बोलेंगे।
गुरुवार को फिर शुरू हुआ हंगामा
गुरुवार को जैसे ही Lok Sabha की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
इससे सदन का कामकाज बाधित हुआ। हालात बिगड़ते देख कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

दोबारा शुरू हुई कार्यवाही
दोपहर 1 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तब विपक्षी सदस्य वेल में आ गए। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा। सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।
कार्यवाही फिर स्थगित
धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान प्रधानमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे और उनका भाषण नहीं हो सका।
अध्यक्ष का फैसला
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के लगातार हंगामे को देखते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने प्रक्रिया के अनुसार धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कराया, ताकि सदन का काम आगे बढ़ सके।
इस तरह लोकसभा में एक असामान्य स्थिति देखने को मिली, जहां प्रधानमंत्री का भाषण हुए बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पास हो गया। लगातार हंगामे के कारण सदन का समय प्रभावित हुआ और चर्चा अधूरी रह गई।




