Conspiracy in Raja Soma Munda Murder Case : खूंटी जिले के खूँटी थाना क्षेत्र में 7 जनवरी को जमुवादाग तालाब के पास हुई Raja Soma Munda की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या जमीन के कारोबार से जुड़े लंबे विवाद और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी।

मामले में साजिश रचने वाले Mastermind सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले भी इस केस में आठ लोगों को जेल भेजा जा चुका है।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी दानियल सांगा और राजा सोमा मुंडा के बीच पिछले 10–12 वर्षों से 14 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
दानियल ने जमीन की रजिस्ट्री तो कराई थी, लेकिन सोमा मुंडा वहां निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे थे। इसी विवाद ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया और हत्या की साजिश तक पहुंच गया।
भू-माफियाओं के खिलाफ खड़े थे सोमा मुंडा
राजा सोमा मुंडा CNT एक्ट और मुंडारी खूंटकट्टी जमीन के नियमों का हवाला देकर अवैध जमीन सौदों का विरोध करते थे।

नवंबर-दिसंबर 2025 में जियारण गांव में करीब 32 एकड़ जमीन पर कब्जे की कोशिश को भी उन्होंने ग्रामसभा के साथ मिलकर रोका था। इसी दौरान माफियाओं द्वारा लगाए गए शिलापट्ट उखाड़ दिए गए, जिससे भू-माफिया उनसे नाराज हो गए।
साजिश और हत्या की पूरी योजना
पुलिस ने बताया कि Murder की योजना क्रिसमस के आसपास तैयार की गई थी। दानियल सांगा ने अपने भतीजे सुमित दग्गल सांड़ और स्कूल से निकाले गए छात्र मार्कस सांगा को इस काम के लिए तैयार किया।
मार्कस को पहले सोमा मुंडा ने स्कूल से निकाला था, जिससे वह नाराज था। दानियल ने 50 हजार रुपये का लालच दिया और एक पल्सर मोटरसाइकिल (नंबर बदलकर) व देसी पिस्टल उपलब्ध कराई।
वारदात का तरीका
7 जनवरी को सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ खूंटी गए थे। सुमित और मार्कस ने उनका पीछा किया, जबकि रोशन मिंचियाड़ी ने अपनी Pulsar bike से रेकी में मदद की।
शाम को वापसी के दौरान जमुवादाग तालाब के पास मौका पाकर शूटरों ने सोमा मुंडा को गोली मार दी।
सबूत छुपाने की कोशिश
हत्या के बाद शूटर रोशन के गांव बिरह भाग गए। घटना में इस्तेमाल बाइक दानियल के घर में छिपाई गई, जबकि हथियार और गोलियां संदीप खलखो के खलखो फार्म हाउस में छुपा दी गईं।
गिरफ्तारी और बरामदगी
Police टीम ने कार्रवाई करते हुए दो शूटरों और मास्टरमाइंड सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किया गया है। खूंटी पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी।
कानून का संदेश
इस खुलासे के बाद इलाके में यह संदेश गया है कि जमीन विवाद और माफियागिरी के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा। पुलिस का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।




