पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद बने सभी OBC प्रमाण पत्र रद्द, CM ममता ने…

News Aroma Desk

Calcutta High Court : कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने बुधवार को 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में जारी किए गए सभी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाणपत्र रद्द कर दिए।

इसके बाद CM ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने कहा कि उनकी सरकार Calcutta High Court के इस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी और इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देगी।

CM ममता बनर्जी ने बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले के हरदाहा में एक जनसभा को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं Calcutta High Court के इस आदेश को स्वीकार नहीं करती हूं। हाल ही में High Court ने सरकारी स्कूलों में लगभग 26 हजार नौकरियां रद्द कर दी थीं। मैंने वह आदेश भी स्वीकार नहीं किया था।”

उन्होंने आगे कहा, ”मैं किसी का नाम नहीं लूंगी। इसे किसी ने भी पारित किया हो, लेकिन मैं यह जरूर कहूंगी कि यह आदेश BJP के पक्ष में है। इसलिए हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। OBC के लिए आरक्षण जारी रहेगा।”

न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की पीठ ने ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द करने पर आदेश पारित किया।

CM ममता ने Calcutta High Court के आदेश को PM मोदी के हालिया बयान से जोड़ा, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और विपक्षी इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी यदि सत्ता में आते हैं तो उनकी OBC के लिए कोटा कम करने और मुसलमानों को समान आरक्षण देने की योजना है।

CM ममता ने कहा कि PM मोदी बीते कुछ दिनों से दावा कर रहे हैं कि अल्पसंख्यक OBC का कोटा छीन सकते हैं। क्या यह संवैधानिक रूप से संभव है? अल्पसंख्यक कभी ऐसा नहीं कर सकते।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनके मंत्रिमंडल में सेवानिवृत्त IPS अधिकारी और पूर्व मंत्री उपेंद्र नाथ विश्वास (Upendra Nath Biswas) की अध्यक्षता में एक सर्वे करने के बाद OBC कोटा सूची तैयार की गई थी। तब भी मामला कोर्ट में था। लेकिन वे हार गये। इस बार भी वही होगा।

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