New Delhi News: संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 सहित तीन अहम विधेयकों की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA में दरार उजागर हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) ने JPC में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया, जिससे कांग्रेस पर एकजुटता बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।
ये विधेयक गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिन की जेल के बाद PM, CM और मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान करते हैं। TMC ने इसे “तमाशा” करार दिया, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे “संघीय ढांचे के खिलाफ” बताया।
अखिलेश का तंज: ‘अमित शाह पर भी तो झूठे केस थे’
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधेयकों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह बिल गलत सोच पर आधारित है। गृह मंत्री अमित शाह ने खुद कहा था कि उन पर फर्जी केस लगाए गए थे। अगर कोई भी किसी पर झूठा केस लगा सकता है, तो इस बिल का क्या मतलब?”
उन्होंने सपा नेताओं आजम खान, रामाकांत यादव और इरफान सोलंकी का उदाहरण देते हुए कहा कि यूपी में विपक्षी नेताओं को “टारगेट” किया गया। अखिलेश ने तर्क दिया कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, और CM अपने राज्यों में केस वापस ले सकते हैं, जिससे केंद्र का यह कानून प्रभावी नहीं होगा।
TMC का सख्त रुख: ‘JPC में नहीं जाएंगे’
TMC ने स्पष्ट किया कि वह संविधान (130वां संशोधन) विधेयक का शुरू से विरोध करती रही है और JPC को “दिखावा” मानती है। पार्टी ने बयान जारी कर कहा, “हम इसमें कोई सदस्य नहीं भेजेंगे।” पश्चिम बंगाल CM ममता बनर्जी ने विपक्ष से JPC से दूर रहने की अपील की थी।
राज्यसभा में TMC नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि मानसून सत्र में 239 सीटों वाला NDA “रक्षात्मक” रहा और “वोट चोरी घोटाले” के दबाव में बाधाएं डालीं।
कांग्रेस का रुख: समर्थन या दबाव?
कांग्रेस शुरू से JPC में हिस्सा लेने के पक्ष में थी, लेकिन TMC और SP के बहिष्कार ने उसे असमंजस में डाल दिया है। राहुल गांधी ने पूर्णिया में इस मुद्दे पर सवाल टाल दिया, जिससे BJP को तंज कसने का मौका मिला।
BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “कांग्रेस तेजस्वी को CM फेस नहीं बनाएगी, तो JPC में भी उसकी बात नहीं सुनेगी।” कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी विधेयकों को “असंवैधानिक” मानती है, लेकिन INDIA गठबंधन की एकजुटता के लिए JPC में बनी रहना चाहती है।
तीन विवादित विधेयक और JPC की समय-सीमा
लोकसभा में पेश तीन विधेयकों में शामिल हैं: संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025: PM, CM और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक केस में 30 दिन की जेल के बाद हटाने का प्रावधान।
केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025
इनका भारी विरोध होने पर इन्हें JPC को भेजा गया, जिसे शीतकालीन सत्र (नवंबर 2025) तक रिपोर्ट सौंपनी है। विपक्ष ने इन्हें “संघीय ढांचे और संविधान के खिलाफ” बताया।
विपक्ष में फूट, BJP को फायदा?
TMC और SP के बहिष्कार से INDIA गठबंधन की एकता पर सवाल उठ रहे हैं। BJP ने इसे “विपक्ष की अंदरूनी कलह” करार देते हुए कहा कि “जो लोग जेल से सरकार चलाना चाहते हैं, वे इस बिल का विरोध कर रहे हैं।”
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक भ्रष्टाचार के खिलाफ है और PM मोदी ने खुद को भी कानून के दायरे में लाया है।