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स्कूल से गायब होकर विधानसभा घेराव में शामिल होना पारा शिक्षकों को पड़ा महंगा, नो वर्क नो पे के तहत एक्शन की तैयारी

गिरिडीह: स्थायीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर स्कूल से अनुपस्थित होकर राजधानी रांची में विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होना पारा शिक्षकों के लिए नई मुसीबत बन गई है।

सरकार के निर्देशानुसार समग्र शिक्षा अभियान कर्मियों को जिला स्तर पर टीम बना कर प्राइमरी स्कूलों का निरीक्षण करना था कि संबंधित स्कूलों में पारा शिक्षक की ड्यूटी पर मौजूदगी रही या नहीं।

डयूटी से गायब पारा शिक्षकों पर मानदेय कटौती का खतरा बढ गया है।

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जानकारी के अनुसार, गिरिडीह जिले के करीब 06 हजार पारा शिक्षकों में से अधिकतर सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव कार्यक्रम में भाग लेने रांची पहुंचे थे।

महज 30 परसेंट उपस्थिति की है सूचना

जानकारी के अनुसार, नो वर्क नो पे के तहत अनुपस्थित रहने वाले पारा शिक्षकों का 01 दिन का मानदेय कटौती के साथ विभागीय कार्रवाई होनी है।

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जिले के 13 प्रखंडों से निरीक्षण टीम द्वारा झारखंड परियोजना कार्यालय अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान गिरिडीह को भेजी गयी रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर पारा शिक्षकों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम में रांची पहुंचने की सूचना है।

आकलन बतौर करीब 30 परसेंट अर्थात 18 सौ पारा शिक्षकों के स्कूल में उपस्थित होने की सूचना है।

इस बाबत समग्र शिक्षा कार्यालय में जिला समन्वयक से पारा शिक्षकों की उपस्थिति व अनुपस्थिति की आधिकारिक सूचना नहीं प्राप्त हो सकी है। हालांकि अनुपस्थित पारा शिक्षकों से शोकॉज करते हुए वेतन कटौती की जा सकती है।

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